विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामलों संबंधी अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) द्वारा दिल्ली हिंसा की आलोचना को नकारा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है, इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का उद्देश्य दिखाई देता है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हिंसा को रोकने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए एजेंसियां काम कर रही हैं। वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि प्रक्रिया में शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति और भाईचारे की अपील की है। हम आग्रह करेंगे कि इस समय गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी न की जाए।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामलों संबंधी अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने दिल्ली में हिंसा पर चिंता जताते हुए भारत सरकार से अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है।
यूएससीआईआरएफ के अध्यक्ष टोनी पर्किंस ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, ‘हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि वह भीड़ हिंसा का शिकार बने लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कारगर प्रयास करे।’
पर्किंस ने कहा, ‘दिल्ली में जारी हिंसा, घरों एवं दुकानों और धार्मिक स्थलों पर कथित हमलों के मामले व्यथित करने वाले हैं। अपने नागरिकों की रक्षा करना किसी भी जिम्मेदार सरकार के सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्यों में से एक है, भले ही वे (नागरिक) किसी भी धर्म के हों।’
यूएससीआईआरएफ आयुक्त अरुणिमा भार्गव ने भी कहा कि दिल्ली में ‘नृशंस एवं अनियंत्रित हिंसा’ के खिलाफ सरकार को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।