रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दक्षिण कोरिया की यात्रा पर हैं, जहां रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए कई उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। यह उनकी यात्रा का दूसरा चरण है। पहले चरण में उन्होंने वियतनाम का दौरा किया। रक्षा मंत्री यात्रा के अंतिम दिन एक युद्ध स्मारक का उद्घाटन भी करेंगे। पढ़िए रिपोर्ट-
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को दक्षिण कोरिया पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी दो देशों की अहम कूटनीतिक यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत की। यह यात्रा 18 मई से 21 मई तक चल चलेगी। उनके आगमन पर भारत के राजदूत गौरंगलाल दास और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
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इससे पहले वह 18 और 19 मई को वियतनाम के दौरे पर थे और अब 19 से 21 मई तक दक्षिण कोरिया में रहकर द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाना है।
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा?
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर उन्होंने बताया कि वह इस दौरान सैन्य सहयोग बढ़ाने, रक्षा उद्योग साझेदारी मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने पर फोकस करेंगे।
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दक्षिण कोरिया के समकक्ष ग्यू-बैक से करेंगे बातचीत
यह यात्रा भारत की वैश्विक रक्षा साझेदारियों को विस्तार देने की नीति का हिस्सा मानी जा रही है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत करती है। सिओल यात्रा के दौरान वह दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री अह्न ग्यू-बैक के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग पर बातचीत करेंगे।
क्या रहेगा कार्यक्रम?
वह रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के मंत्री ली योंग-चोल से भी मुलाकात करेंगे और भारत-कोरिया व्यापार वार्ता बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसका उद्देश्य रक्षा उद्योग सहयोग और निवेश को बढ़ाना है।
भारतीय युद्ध स्मारक का किया जाएगा उद्घाटन
यात्रा के अंतिम दिन 21 मई को भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर एक भारतीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन करेंगे, जो कोरियाई युद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान को समर्पित होगा।यह विशेष रूप से 60 पैराशूट फील्ड एम्बुलेंस यूनिट और युद्ध के बाद कैदियों की वापसी में शामिल भारतीय सैनिकों की भूमिका का सम्मान होगा।