डेमोक्रेट पार्टी से राष्ट्रपति पद की दावेदार तुलसी गबार्ड ने अपनी साथी और भारतीय-अमेरिकी मूल की सीनेटर कमला हैरिस से माफी मांगने को कहा है। गबार्ड का आरोप है कि हैरिस जब कैलिफोर्निया की अटॉर्नी-जनरल थी, तब लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
गबार्ड और हैरिस भारतीय-अमेरिकी तबके में खासी लोकप्रिय हैं। बुधवार को डेट्रॉयट में पार्टी की ‘प्रेसिडेंशियल डिबेट’ में दोनों ने शिरकत की थी। बहस के दौरान गबार्ड ने हैरिस पर आपराधिक न्याय तंत्र के मसले पर जमकर निशाना साधा। साथ ही उनसे माफी मांगने को कहा। हालांकि, वह ताजा ओपिनियन पोल में हैरिस से काफी पीछे चल रही हैं और अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद की दौड़ मेें पहली हिंदू दावेदार हैं।
तुलसी ने कमला से कहा, आपके अभियोजक रहते जिन लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा, उनसे माफी मांगनी चाहिए। इसके लिए आप कोई बहाना नहीं बना सकतीं। गबार्ड ने आरोप लगाया कि हैरिस ने लोगों को उनकी सजा से ज्यादा समय तक जेल में डाले रखा और उनसे सस्ती मजदूरी कराई। गरीबों के साथ अन्याय किया गया।
वहीं, हैरिस ने अपने बचाव में कहा कि कैलिफोर्निया में उनके कार्य पर वह गौरवांवित हैं। भारतीय-अमेरिकी सीनेटर के मुताबिक, उन्होंने न्याय तंत्र में जरूरी सुधार किए।
देशभक्त की तरह बर्ताव नहीं कर रहे ट्रंप - तुलसी
डेट्रॉयट में बहस के दौरान तुलसी गबार्ड ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वह देशभक्त की तरह बर्ताव नहीं कर रहे हैं। गबार्ड का यह बयान ट्रंप के उस ट्वीट के बाद आया है, जिसमें उन्होंने चार डेमोक्रेट महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणी की थी। यह महिलाएं ट्रंप की आव्रजन नीति की आलोचक रही हैं।
ट्रंप ने 15 जुलाई को अपने ट्वीट में इन डेमोक्रेट से कहा था कि वे जहां से आई हैं, वहां वापस चली जाएं। इसके बाद ट्रंप की टिप्पणी पर अमेरिकी संसद में संकल्प पारित कर निंदा की गई थी। गबार्ड ने राष्ट्रपति पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें देशभक्ति के मायने मालूम हैं। उन्होंने कहा, मुझे हमारे देश (अमेरिका) से प्रेम है।
मैंने बतौर सैनिक 16 साल सेवाएं दी हैं। दो बार मध्यपूर्व में तैनात रही हूं और संसद में करीब सात साल से हूं। गबार्ड ने कहा, बतौर राष्ट्रपति मैं व्हाइट हाउस में असली देशभक्ति की भावना स्थापित करूंगी। सिर्फ अमीरों के लिए नहीं बल्कि आम अमेरिकी के हित में काम करूंगी।