लाल सागर में जहाज (सांकेतिक तस्वीर)
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इस साल के शुरुआत में हूती विद्रोही ईरानी हथियारों को जब्त करने के लिए एक अभियान चलाया था, जिसमें अमेरिकी स्पेशल फोर्स (सील) के दो जवानों की मौत हो गई। इस घटना की जांच में पाया गया कि अमेरिकी सील की मौत को रोका जा सकता था। ऑपरेशन के दौरान जनवरी में सैनिक सोमालिया के तट पर एक जहाज में चढ़े थे। इस दौरान एक सील फिसल गया और पानी में गिर गया, जबकि दूसरा उसकी मदद करने की कोशिश में पानी में कूद गया।
अमेरिकी सील की मौत को रोका जा सकता था
नौसेना की जांच में कहा गया कि इस घटना को रोका जा सकता था। जांच में पाया गया कि सील अपने आपातकालीन गियर का उपयोग करने में अच्छी तरह से प्रशिक्षित नहीं थे। कुछ ऑपरेटरों ने कहा कि उन्होंने केवल एक बार फ्लोटिंग सिस्टम का उपयोग किया था और बाकी ने बिल्कुल नहीं किया। इसके अलावा सिस्टम का रखरखाव भी नौसेना के मानकों के अनुरूप नहीं था। जांच में कहा गया कि यह संभव है कि सील ने आपातकालीन उपकरणों को सक्रिय करने का प्रयास किया, लेकिन वे इसे सक्रिय करने में विफल रहे। सील ने थिएटर में उछाल परीक्षण नहीं किया था और परीक्षण के दौरान परिस्थितियां भी अलग थी। अमेरिकी सेना ने दोनों सील को मृत घोषित करने से पहले उनकी 10 दिनों तक खोज की।
पिछले साल से लाल सागर में हूती विद्रोहियों का हमला जारी
बता दें कि पिछले साल से शुरू हुए इस्राइल हमास के संघर्ष के बाद से ही हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में युद्ध छेड़ दिया। फलस्तीन के समर्थन में हूती विद्रोही लगातार लाल सागर में विदेशी जहाजों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिकी सेना हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर कई हवाई हमले भी किए। इस दौरान उन्होंने कई हथियार भी जब्त किए, लेकिन उनका हमला अभी भी जारी है।