राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने थाईलैंड में विश्व हिंदू कांग्रेस में विभिन्न हिंदू संगठनों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, संगठनों के बीच समन्वय के अभाव में ही विभिन्न देशों में हिंदू समुदाय एकजुट नहीं हो पाया है।
होसबाले ने कहा, मौजूदा समय में समाज के सामने मुंह बाए खड़ी चुनौतियों के समाधान और समुदाय की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए विश्वस्तर पर हिंदू संगठनों की मजबूती एक बड़ी जरूरत है। उन्होंने समुदाय के हित में हिंदू संगठनों को आपस में जानकारी साझा करने और परस्पर सहयोग बढ़ाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि भाषा, पंथ, जाति, उपजाति और गुरुओं के आधार पर विश्व के कई हिस्सों में कई संघ, संगठन और फोरम बन गए, लेकिन वैचारिक स्तर पर पूरी तरह समानता न होने की वजह से ये एक-दूसरे के कार्यों को नुकसान ही पहुंचा रहे हैं। संगठनों को एक-दूसरे की नकल से बचना चाहिए, क्योंकि यह आपको अपने उद्देश्यों में आगे नहीं ले जाएगा।
चुनौतियों से निपटने की जरूरत
होसबाले ने कहा, धर्मांतरण, हिंदुओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन और पश्चिमी देशों के कई विश्वविद्यालयों में हिंदू और भारतीय भाषाओं के अध्ययन के लिए विभाग न होना कुछ ऐसी चुनौतियां हैं, जिनका समाधान निकालने की जरूरत है। सम्मेलन के पहले दिन पारित एक प्रस्ताव में हिंदू धर्म के लिए हिंदुत्व को ही सबसे सटीक शब्द माना गया। इसमें कहा गया है कि हिंदू धर्म के लिए हिंदुइज्म (हिंदूवाद) शब्द का इस्तेमाल करना दमन और भेदभाव का परिचायक है, जबकि हिंदू धर्म और हिंदुत्व में सनातन की पूरी धारणा सारगर्भित है।
अपनी धरोहरों को मिटाने में लगा पाकिस्तान : स्वामी विज्ञानानंद
विश्व हिंदू कांग्रेस के आयोजक और वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन के वैश्विक अध्यक्ष स्वामी विज्ञानानंद ने पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों पर लगातार हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने एजेंसी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान अपनी धरोहरों को नष्ट कर रहा है। मंदिरों की बात करें तो यह विरासत हैं। अगर पाकिस्तान ने उन सभी को सही तरीके से बचाया होता तो उसे भी वैसे ही फायदा होता जैसे मिस्र को पिरामिड से हुआ था। उन्होंने अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोकने के लिए वैश्विक बहुपक्षीय एजेंसियों से आगे आने का आह्वान किया।