फैनी तूफान से पहले तैयारियों को लेकर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने भारत सरकार की तारीफ की है। आपदा के खतरों से जुड़ी यूएन की एजेंसी (ओडीआरआर) के प्रवक्ता डेनिस मैक्लीन ने कहा कि सरकार की जीरो कैजुएलिटी पॉलिसी और भारतीय मौसम विभाग की सटीक भविष्यवाणी की बदौलत समय रहते 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया और तूफान से मौतों की संख्या कम रही। भारत ने 2013 में आए तूफान के बाद पॉलिसी पर काम शुरू किया था।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बताया कि पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 1.2 मिलियन लोगों को निकाला गया। जिसमें से 3.2 लाख गंजम से 1.3 लाख पुरी से और करीब 7000 रसोईघरों और 9000 शेल्टर का इंतजाम किया गया। उन्होंने बताया कि इस काम में 45,000 से ज्यादा वॉलंटियर लगे हुए थे।
ओडिशा और केंद्र सरकार के तमाम संबंधित विभाग फैनी से निपटने के लिए तैयार थे। करीब 10 लाख लोगों पर इसका असर होता। आपदा प्रबंधन के 1 हजार प्रशिक्षित कर्मचारी खतरे की आशंका वाली जगहों पर भेजे गए। 300 हाईपावर बोट हर पल तैनात रहीं। टीवी, कोस्टल साइरन और पुलिस के अलावा हर उस साधन का उपयोग किया गया जो आमजन की सुरक्षा के लिए जरूरी था। इसके लिए उड़िया भाषा का ही इस्तेमाल किया गया। संदेश साफ था- तूफान आ रहा है, शिविरों में शरण लें।