ऐसे दिया साइबर हमले को अंजाम
हैकर समूह 'साइलेंट क्रो' ने दावा किया कि उसने एक साल तक एअरोफ्लोट के नेटवर्क में पहुंच बनाए रखी। इस दौरान कस्टमर डेटा, कॉल रिकॉर्डिंग्स, कर्मचारियों की निगरानी से जुड़ी जानकारी और अन्य आंतरिक संचार की कॉपी तैयार की। हैकर समूह ने दावा किया कि इनमें से अधिकांश डेटा अब या तो अनुपलब्ध है या नष्ट कर दिया गया है, और इसे बहाल करने में करोड़ों डॉलर का खर्च आ सकता है। यह नुकसान रणनीतिक है।
हैकर समूह ने एअरोफ्लोट की आंतरिक आईटी प्रणाली के स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं और संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में वे डाटा सार्वजनिक कर सकते हैं। टेलीग्राम पर पोस्ट में कहा गया, एअरोफ्लोट से उड़ान भरने वाले सभी रूसी नागरिकों का व्यक्तिगत डाटा अब एक नई यात्रा पर जा चुका है....बिना सामान के और एक ही गंतव्य की ओर।
बेलारूस हैकर समूह साइबर-पार्टिसंस ने बताया कि उन्हें "तबाही मचाने वाला हमला" करने की उम्मीद की थी। इस समूह ने पहले भी कई साइबर हमलों की जिम्मेदारी ली है और अप्रैल 2024 में कहा था कि वे बेलारूस की मुख्य केजीबी सुरक्षा एजेंसी के नेटवर्क में घुसपैठ करने में कामयाब रहे हैं।
हैकर समूह की समूह की समन्वयक यूलियाना शमेटावेट्स ने कहा कि यह बहुत बड़े पैमाने का किया गया हमला है और परिणामों के लिहाज से सबसे तकलीफदेह हमलों में से एक है। उन्होंने बताया कि समूह ने कई महीनों तक इस हमले की तैयारी की थी। वे एअरोफ्लोट के नेटवर्क में मौजूद कई कमजोरियों का फायदा उठाकर घुसपैठ करने में कामयाब रहे।