यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी एयरबस पर साइबर हमले का मामला सामने आया है। एयरबस के आपूर्तिकर्ताओं से गोपनीय जानकारी हासिल करने के लिए गए साइबर हमलों से कंपनी का कामकाज प्रभावित हुआ है। सूत्रों ने इस हमले से चीन का संबंध होने की आशंका जताई है।
हैकिंग के इस मामले की जांच में शामिल दो सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि गत 12 महीने में एयरबस पर चार बड़े साइबर हमले किए गए हैं। उच्च तकनीक की वजह से विश्व की सबसे बड़ी व्यावसायिक विमान निर्माता कंपनियों में शामिल एयरबस रणनीतिक सैन्य साजोसामान की भी आपूर्ति करती है। इसलिए यह हैकरों के निशाने पर रहती है।
इस साल जनवरी में एयरबस ने माना था कि एक हमले में अवैध तरीके से डाटा तक पहुंच बनाई गई थी। जानकारों ने बताया कि पिछले साल से हमले बड़े पैमाने पर हुए हैं। हैकरों ने ब्रिटिश इंजन निर्माता ‘रॉल्स रॉयस’ और फ्रांसीसी प्रौद्योगिकी परामर्श व आपूर्ति कंपनी ‘एक्सप्लो’ को निशाना बनाया।
एयरबस का ठेका हासिल करने वाली दो कंपनियों को भी निशाना बनाया, जिनकी पहचान नहीं की जा सकी है। सुरक्षा विशेषज्ञ रोमेन बोटेन ने कहा कि ये हमले दिखाते हैं कि हैकर कमजोर कड़ी की तलाश कर एयरबस प्रणाली में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुत बड़ी कंपनियां अधिक सुरक्षित हैं, उनमें सेंध लगाना मुश्किल है। इसलिए छोटी कंपनियां आसान निशाना हैं।