अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन ने क्रिप्टो विनियमन का एक प्रारूप जारी किया है। इसमें डिजिटल दुनिया में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। साथ ही इसमें उन उपायों का भी जिक्र है, जिनसे फाइनेंशियल सर्विसेज उद्योग के लिए सीमापार ट्रांजैक्शन (लेन-देन) करना आसान होगा। इस मसविदे में अमेरिका की वित्तीय संस्थानों की ताकत बढ़ाने का इरादा जताया गया है। उन संस्थानों में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और कॉमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन शामिल हैं।
इसके पहले इस वर्ष मार्च में राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें संघीय एजेंसियों को क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े जोखिम और लाभों का परीक्षण करने को कहा गया था। टीवी चैनल सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले छह महीनों से सरकारी एजेंसियां बाइडन प्रशासन की तरफ से बताए गए लक्ष्यों के मुताबिक तरीकों और नीतियों का सुझाव तैयार कर रही थीं।
अमेरिका की नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के निदेशक ब्रायन डीज और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने एक बयान में कहा गया है कि नए दस्तावेज का मकसद डिजिटल असेट इकोसिस्टम के संचालन में अमेरिका को दुनिया का अग्रणी देश बनाना है। जानकारों का कहना है कि इस मामले में अमेरिका में जो सिस्टम लागू होगा, उसका असर दुनिया भर पर पड़ेगा। कई देश अमेरिकी सिस्टम को एक मॉडल के रूप में स्वीकार करेंगे। इससे दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने और डिजिटल कारोबार की दुनिया को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
सीएनबीसी ने अपने विश्लेषण में कहा है कि प्रस्तावित उपाय काफी सशक्त लगते हैं, जिनके कारगर साबित होने की संभावना है। मकसद क्रिप्टो इंडस्ट्री में गैर कानूनी गतिविधियों का खात्मा करना है। राष्ट्रपति ने इन उपायों को सार्वजनिक कर कांग्रेस (अमेरिकी संसद) को इस बात के लिए प्रेरित किया है कि वह अनधिकृत धन ट्रांसफर करने वालों पर जुर्माने की रकम बढ़ाने का कानून पारित करे। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी सिस्टम में किसी प्रस्तावित उपाय को इतने अधिक चरणों से गुजरना पड़ता है कि उसके अमल में आने में लंबा वक्त लगता है। इसलिए लिहाज से प्रस्तावित उपाय अभी एक तरह से इरादे का इजहार ही हैं।
इस बीच डिजिटल संपत्ति क्षेत्र में अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। फेडरल ट्रेड कमीशन के एक शोध के मुताबिक 2021 के बाद से क्रिप्टो धोखाधड़ी के कारण लोगों को एक बिलियन डॉलर का चूना लग चुका है। पिछले ही महीने अमेरिका में फर्जी क्रिप्टो पिरामिड तैयार कर पॉन्जी स्कीम चलाने के आरोप में 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा शुरू किया गया। इस धोखाधड़ी से जुड़े लोग दुनिया भर से लोगों से 30 करोड़ डॉलर का निवेश करवा चुके थे। इस वर्ष फरवरी में अमेरिकी अधिकारियों ने क्रिप्टो एक्सचेंज बिटफिनेक्स की हैकिंग के मामले में 3.6 बिलियन डॉलर डॉलर के बिटकॉइन जब्त किए। ये हैकिंग 2016 में हुई थी।
शुक्रवार को जारी दस्तावेज में अमेरिका की अपनी डिजिटल करेंसी जारी करने पर भी जोर दिया गया है। इसमें उन फायदों का जिक्र है, जो फेडरल रिजर्व के डिजिटल करेंसी जारी करने पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मिलेंगे।