अभी तक के सबसे बड़े ‘रैनसमवेयर’ हमले का संकट अब भी जारी है और इसके तार रूस से जुड़े होने का संदेह जताया जा रहा है। हालांकि इसका शिकार बनी अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी ‘कासिया’ ने बताया कि उसकी सेवाएं पटरी पर लौट रही हैं।
‘आरईविल’ संगठन ने अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) से पहले यह हमला कर 17 देशों को निशाना बनाया और करोड़ों डॉलर की वसूली की।
आरईविल ने मांस प्रसंस्करण कंपनी ‘जेबीएस’ से 1.1 करोड़ डॉलर की जबरन वसूली की है। इसने अपनी ‘डार्क’ वेबसाइट पर घोषणा की कि अगर सभी प्रभावित उसे क्रिप्टो करेंसी में सात करोड़ डॉलर देते हैं,
तो वह एक सार्वभौमिक ‘डिक्रिप्टर’ उपलब्ध कराएगा, जिससे सभी प्रभावित मशीनें ठीक हो जाएंगी। बताया गया कि मंगलवार को भी कुछ कंपनियों पर हमले का असर रहा है।