गायें जिस वातावरण में रहती हैं, उसका असर उनकी भावनाओं पर होता है, रूस में हुए ताजा शोध में यह सामने आया। तकनीक हमारे समय को तेजी से बदल रही है। इसका पशुओं पर असर समझने के लिए रूस के कृषि एवं खाद्य मंत्रालय ने शोध पत्र प्रकाशित किया है, जिसमें गायों को वर्चुअल रियलिटी (वीआर) ग्लास सेट लगाकर परीक्षण किए गए। इसका लक्ष्य गायों को बेहतर माहौल देना था, जिससे उनके दूध की मात्रा और क्वालिटी को बढ़ाया जा सके।
प्रयोग
मॉस्को शहर के बाहर स्थित एक फार्म पर शुरू किए गए इस प्रयोग के दौरान गायों को विशेष रूप से बड़े आकार में बनाए गए वीआर सेट लगाए गए। इन्हें पशु चिकित्सकों व डवलपर्स ने मिलकर गायों की नजरों के अनुसार तैयार किया।
रूस के कई हिस्सों में अधिकतर समय बर्फ रहने से हरियाली और अच्छी धूप नहीं होती। ऐसे में इन सेट में उन्हें प्राकृतिक माहौल के वीडियो व तस्वीरें दिखाई गईं। खासतौर से एक बड़ा फैला हरा मैदान जिसमें सूर्य चमकता हो, ऐसे वीडियो गायों ने देखे।
परिणाम
मंत्रालय के अनुसार इस आभासीय वास्तविकता से गायों में बेचैनी घटी है। इसका गायों के दूध उत्पादन पर कितना असर हुआ इसकी सटीक गणना के लिए और शोध की जरूरत बताई गई। लेकिन यह भी सामने आया कि गायें भावनात्मक रूप से ज्यादा शांत और कम बेचैन हो गई थीं।
और जगह भी जारी हैं ऐसे प्रयोग
अमेरिका के कई राज्यों में गायों को संगीत के जरिए उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ऐसा ही प्रयास जापान में भी हो रहा है।