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लॉकडाउन में ढील मिलते ही कुछ देशों में तेजी से बढ़ा संक्रमण, विशेषज्ञों ने की जांच संख्या बढ़ाने की अपील

Tue, 05 May 2020 05:55 AM IST
Rajeev Rai वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में पैदल यात्री भी मास्क लगाकर ही सड़कों पर निकल रहे हैं। - फोटो : PTI
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लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद जब दुनिया के लाखों लोगों ने घरों से बाहर निकलकर खुशनुमा मौसम का आनंद उठा ही रहे थे, तभी संक्रमण बढ़ने के मामले सामने आ गए। अमेरिका में भी लॉकडाउन खोलने की कोशिशों के बीच 1,400 से ज्यादा मौतें पिछले 24 घंटे में हो गईं। ब्रिटेन में कोविड-19 के कारण जान गंवाने वालों की संख्या इटली में मरने वालों के करीब पहुंच रही है जो यूरोप में इस बीमारी का केंद्र बना हुआ है। ब्रिटेन की आबादी इटली से कम है लेकिन ब्रिटेन के पास इस महामारी का मुकाबला करने के लिये ज्यादा वक्त था। जबकि वहां पर भी सारे उपाय धरे के धरे रह गए।

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दुनिया में अब तक 36,19,523 लोग कोरोना संक्रमित हैं और मृतक संख्या 2,50,478 हो चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि लॉकडाउन में राहत के दौरान यदि जांच की संख्या को नहीं बढ़ाया गया तो संक्रमण का दूसरा दौर आ सकता है। रूस में पहली बार नए मामलों की संख्या पहली बार 10,000 को पार कर गई।

इटली : बंद में ढील पर भी लोग दहशत में घरों से बाहर निकले
इटली में पाबंदियों से छूट दिए जाने के बाद 24 घंटों में 174 और लोगों की मौत की पुष्टि की। पार्क खुल गए है और फैक्ट्रियों में काम शुरू हो गया है। वहीं, ग्रीस ने 42 दिनों से लगे प्रतिबंधों को हटाना शुरू कर दिया है। 

जॉनसन ने की वर्चुअल वैश्विक सम्मेलन की शुरुआत, आठ देश साथ आए
ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने वर्चुअल वैश्विक सम्मेलन की शुरुआत करते हुए आव्हान किया कि वे महामारी से लड़ने के लिए एकजुट होकर काम करें। यह सम्मेलन हारे जीवनकाल का सबसे साझा प्रयास है। कोरोना वायरस ग्लोबल रिस्पांस इंटरनेशनल प्लेजिंग कांफ्रेंस की सह-मेजबारी ब्रिटेन और आठ अन्य देशों व संगठनों ने की। इनमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, नार्वे, सऊदी अरब और यूरोपीय आयोग शामिल हुए। जॉनसन ने कहा कि हम जितना एकजुट होंगे और अपनी विशेषज्ञता साजा करेंगे उतनी ही तेजी से हमारे वैज्ञानिक सफल होंगे। हम एक साथ हैं, और हम साथ रहेंगे, यह वायरस मानवता के खिलाफ है।

वैश्विक प्रशासन प्रणाली की खामियां उजागर
कोविड-19 के कारण दुनिया के समक्ष पेश हो रही चुनौतियों ने वैश्विक प्रशासन प्रणाली की कमियों को उजागर कर दिया है। दुनियाभर की सरकारों के सघंर्ष की खबरों के बीच संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने यह बात कही। उन्होंने कहा, हमें व्यवस्था को तत्काल मौजूदा समय के अनुसार बदलने की जरूरत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू स्तर पर विभिन्न तरह की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद भारत ने कोविड-19 से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग के साथ काम करने की अपनी क्षमता दिखाई है।

सिंगापुर : कुल संक्रमितों में 4,800 भारतीय
सिंगापुर के प्रवासी मजदूरों में कोरोना संक्रमण जिस तेजी से फैल रहा है उसके नतीजे दिखने लगे हैं। देश में अभी तक 18,000 से ज्यादा संक्रमण मामलों में 18 की मौत हो चुकी है। इस बीच देश में भारत के राजदूत जावेद अशरफ ने बताया कि कुल संक्रमितों में 4,800 से ज्यादा भारतीय भी शामिल हैं। यहां दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के लिए सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल बढ़ा है।

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भारत की अब तक की लड़ाई शानदार, पर लॉकडाउन के बाद खतरा 
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बार फिर कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई की सराहना की है। कोरोना को लेकर डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक के विशेष प्रतिनिधि डॉ डेविड नाबरो ने कहा, भारत की अब तक की लड़ाई शानदार रही।  पर लॉकडाउन के बाद मामले तेजी से बढ़ सकते है। डॉ नाबरो ने एक साक्षात्कार में आगाह करते हुए कहा कि जैसे ही प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी कोरोना संकट और बड़ा रूप ले सकता है। अगर सरकार इसे रोकने में कामयाब होती है तब जरूर कोरोना महामारी पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा, आंकड़ाें साफ बताते हैं कि कोरोना से रोकथाम के तरीके सुव्यवस्थित थे। इसके लिए कोरोना वॉरियर्स को सलाम है। साथ ही हमें समझना होगा कि लॉकडाउन से वायरस कहीं जाता नहीं। 

पाकिस्तान : 24 घंटे में 1083 नए केस
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में 24 घंटे में 1,083 नए संक्रमणों का पता चलने के बाद सोमवार को पाकिस्तान में कोरोना वायरस मामलों की संख्या 20,186 हो चुकी है। वहीं, इस वायरस से 462 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है।  

78 वर्षीय पत्रकार ने जीती जंग
कोरोना की जंग जीतकर लौटी सीबीएस न्यूज की 78 वर्षीय पत्रकार लेस्ले स्टाह ने रविवार को अपने स्वस्थ होने की जानकारी साझा की। लेस्ले बोलीं अब वे बेहतर महसूस कर रहीं हैं। लेस्ले ने बताया कि कोरोना के चलते न्यूमोनिया से काफी भयभीत थीं। रिपोर्टिंग में खुद उन लाखों अमेरिकियों में से एक थी जो इसके चंगुल में फंस गई।

न्यूजीलैंड : 7 हफ्ते बाद एक भी नया केस नहीं
न्यूजीलैंड में सात हफ्ते में पहली बार 24 घंटे में संक्रमण का एक भी केस नहीं मिला। यहां अब तक 1487 मरीज मिल चुके हैं। 20 लोगों की मौत हो चुकी है। 1276 मरीज ठीक हो चुके हैं। 

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