अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा है कि बच्चों को चेचक से बचाने के लिए बचपन में लगने वाला टीका कोरोना के गंभीर मामलों में कारगर साबित हो सकता है। लूसियाना राज्य विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के मुताबिक यह टीका फेफड़ों के गंभीर सूजन को कम करने में सक्षम है।
एमबायो जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक चेचक का टीका महामारी के गंभीर परिणामों को कम करने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कमजोर रोगजनक वाला जीवित क्षीण टीका प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर सकता है। यह आगे प्रतिरक्षा प्रणाली की सफेद रक्त कोशिकाओं को किसी भी तरह के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए सक्रिय कर सकता है।
वैज्ञानिकों ने शोध में पाया कि टीका फंगस और बैक्टीरिया से पैदा होने वाली बीमारियों के कारण बनने वाले पस को खत्म करने में सक्षम है। जिसके बाद वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि चेचक, मम्स और रुबेला का टीका कोरोना के गंभीर लक्षणों का उपचार करने में कारगर हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे कोरोना के उपचार के लिए नहीं दिया जा सकता।
कोरोना वॉरियर्स के लिए वरदान
वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना के खिलाफ जंग में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों के लिए यह टीका वरदान के रूप में काम कर सकता है। इन लोगों में लक्षण पैदा होने की संभावनाएं अधिक होती हैं और इस टीके से इन्हें शुरुआत में ही रोका जा सकता है।