इक्वाडोर में मृत महिला हुआ जिंदा (सांकेतिक)
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कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया जूझ रही है। इस वैश्विक महामारी से अब तक लाखों लोगों की मौत हो गई है, वहीं 28 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं। चार महीने पहले चीन के वुहान से फैले इस वायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं ढूंढा जा सका है और नाहीं अभी तक कोई टीका या दवा ही मिली है। ऐसे में कोरोना के मरीजों और उनके परिवार वालों की चिंताएं भी लगातार बढ़ती जा रही है।
हालांकि ऐसे वक्त में जब सबकी उम्मीद टूट रही है, उस समय इक्वाडोर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां कोरोना की वजह से मृत घोषित हो चुकी एक महिला अचानक से जिंदा हो गई। दरअसल 74 वर्षीय अल्बा मारूरी को एक महीने पहले बुखार और सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन तीन हफ्ते तक अपने होश गंवा बैठी महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने किसी अन्य के शव को उसका समझकर अंतिम संस्कार भी कर दिया।
दरअसल अस्पताल प्रशासन ने उनके परिजनों को मुर्दाघर में एक शव दिखाकर उसकी पहचान करने के लिए कहा था, लेकिन कोरोना संक्रमण के डर से कोई भी उसके करीब नहीं गया। यहां तक कि लोग शव का चेहरा देखने से भी डर रहे थे। दूर से ही उन्होंने शव को देखा, जो एक छोर से देखने पर उस महिला जैसे ही दिख रहा था। इसी वजह से परिजन भी भ्रम में आ गए और किसी दूसरे शव का अंतिम संस्कार कर आए।
इसके बाद बृहस्पतिवार को महिला को अचानक से होश आया तो उसने अपने बारे में अस्पताल के लोगों को बताया जिसके बाद परिजनों को इसकी सूचना दी गई। सूचना से जहां परिजन खुश नजर आए वहीं अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही से उनमें नाराजगी भी दिखी। इसी वजह से अब परिजन अनजान महिला के शव की अंत्येष्टि और मानसिक पीड़ा की उस स्थिति के लिए अस्पताल के खिलाफ मुकदमा करने की योजना बना रहे हैं।