कोरोना से ठीक हो चुके मरीज कोरोना संक्रमण की दर घटाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वो भी तब जब आर्थिक गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए लॉकडाउन में नरमी बरतने की तैयारी चल रही है।
शोधकर्ताओं का दावा है कि संक्रमित मरीज ठीक होने के बाद संक्रमित लोगों या संदिग्धों के संपर्क में आएगा तो उसे कोई खतरा नहीं होगा।
अमेरिका के जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं के डॉ. जोशुआ विट्ज का कहना है कि स्वस्थ हुए व्यक्ति में शील्ड इम्युनिटी विकसित हो जाती है। ऐसे लोगों को मरीज के संपर्क आने पर संक्रमण का खतरा नहीं रहता। जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित शोध के अनुसार, ऐसे लोगों की मदद से वायरस के प्रसार को रोका जा सकता है या धीमा किया जा सकता है। हालांकि, प्रतिरोधक क्षमता कब तक रहेगी, इसका पता नहीं है।