फ्रीमैन ने कहा कि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ऐसा क्यों हो रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा समुदाय के बीच इन लक्षणों को लेकर कुछ सिद्धांतों पर चर्चा हो रही है।
उन्होंने कहा कि इन्हीं में से एक सिद्धांत यह है कि यह घाव शरीर में सामान्य सूजन पैदा करने वाले वायरस के कारण हो सकते हैं। दूसरा सिद्धांत यह है कि वायरस वास्कुलिटिस का कारण हो सकता है, जिसका अर्थ है कि रक्त वाहिका की दीवारों में अपने आप ही सूजन होना।
फ्रीमैन ने कहा कि एक तीसरी संभावना यह है कि यह घाव त्वचा में वाहिकाओं में रक्त के थक्कों के कारण हो सकता है। डॉक्टर रक्त के थक्कों को वायरस की जटिलता के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन अंत में यह हो सकता है कि इनमें से एक सिंद्धात सच भी निकले।
फ्रीमैन ने कहा कि इस घाव के पीछे इन कारणों का हाथ हो सकता है या कुछ मरीजों में ये घाव दूसरे किसी कारण से हो रहे हों।
वहीं, अल्बर्टा के एडमॉन्टन में एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ इलान शवार्ट्ज ने हाल ही में 'कोविड टॉज' के बारे में एक ट्वीट पोस्ट किया, जिसे 2,300 से अधिक रीट्वीट और 3,500 लाइक्स मिले।
शवार्ट्ज ने कहा कि उन्होंने अभी तक कोरोना के किसी मरीज को सूजे हुए अंगूठे के साथ नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों ने उन्हें मैसेज कर कोरोना के अपने लक्षणों के बारे में बताया।
हाल ही में शवार्ट्ज से पूछा गया कि क्या उन्होंने अभी ऐसा कोई कोरोना मरीज देखा जिसके अंगूठे सूजे हुए थे। शवार्ट्ज ने कहा कि यह अभी भी शुरुआती स्तर पर है और अंगूठों के सूजने के मामले कोविड-19 के संकेत हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लेकिन इस बात को सिद्ध करने के लिए हमें बहुत बड़ी आबादी पर सर्वेक्षण करना होगा, तब जाकर हम किसी नतीजे पर पहुंच पाएंगे। फिलहाल ऐसा करने में बहुत समय लगेगा।
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में त्वचा विभाग में प्रोफेसर डॉ लिंडी फॉक्स ने कहा कि जिन कोविड-19 मरीजों में अंगूठों या पैरों के सूजने के मामले सामने आ रहे हैं, वे बहुत कम उम्र के हैं। उनमें से बहुत तो स्वस्थ दिखाई देते हैं और उनमें वायरस के बहुत ही कम लक्षण दिखाई दिए हैं।
फॉक्स का सुझाव है कि इन लक्षणों का अनुभव करने वाले किसी भी व्यक्ति की जांच की जानी चाहिए कि क्या वे वर्तमान में संक्रमित हैं और एक एंटीबॉडी परीक्षण भी होना चाहिए। जो इस बात से पर्दा उठाए कि क्या वे पहले भी संक्रमित थे।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सूजन और पैर की उंगलियों का बैंगनी हो जाना पूरी तरह इस बात का भी संकेत नहीं हैं कि व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है।