कोरोना वायरस (coronavirus) से देश-विदेश में लोग बेहाल हैं। इस महामारी से अब तक भारत भर में 25 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 979 पार कर चुकी है। कई देशों के डॉक्टर और शोधकर्ता इस वायरस की वैक्सीन खोजने में जुटे हुए हैं। सरकारें सभी जरुरी कदम उठा रही हैं। पूरा देश घरों में कैद है ताकि संक्रमण का खतरा कम से कम हो लेकिन बावजूद इसके हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
पीएम मोदी (Narendra Modi) ने आज मन की बात में कहा कि यह युद्ध जैसी स्थिति है और डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं। दुनिया भर में मेडिसिन क्षेत्र के वैज्ञानिक इसकी कारगर दवाई बनाने में जुटे हुए हैं। दुनिया को तो अभी इस वायरस के बारे में ही बहुत कम जानकारी है। वहीं दूसरी तरफ आयुष मंत्रालय ने कहा था कि कोरोना से होने वाले संक्रमण को बचाने वाली यूनानी दवाओं में शरबत उन्नाब, तिर्यकअर्बा, तिर्यक नजला, खमीरा मार्वारिद जैसी दवाएं काम आ सकती हैं। इसके अलावा मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में लोगों को साफ-सफाई से रहने की सलाह दी है।
कोरोना वायरस (coronavirus) से देश-विदेश में लोग बेहाल हैं। इस महामारी से अब तक भारत भर में 25 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 979 पार कर चुकी है। कई देशों के डॉक्टर और शोधकर्ता इस वायरस की वैक्सीन खोजने में जुटे हुए हैं। सरकारें सभी जरुरी कदम उठा रही हैं। पूरा देश घरों में कैद है ताकि संक्रमण का खतरा कम से कम हो लेकिन बावजूद इसके हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
पीएम मोदी (Narendra Modi) ने आज मन की बात में कहा कि यह युद्ध जैसी स्थिति है और डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं। दुनिया भर में मेडिसिन क्षेत्र के वैज्ञानिक इसकी कारगर दवाई बनाने में जुटे हुए हैं। दुनिया को तो अभी इस वायरस के बारे में ही बहुत कम जानकारी है। वहीं दूसरी तरफ आयुष मंत्रालय ने कहा था कि कोरोना से होने वाले संक्रमण को बचाने वाली यूनानी दवाओं में शरबत उन्नाब, तिर्यकअर्बा, तिर्यक नजला, खमीरा मार्वारिद जैसी दवाएं काम आ सकती हैं। इसके अलावा मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में लोगों को साफ-सफाई से रहने की सलाह दी है।
ऐसे में सवाल उठता है कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जब तक वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) तैयार नहीं होती क्या किसी को वैकल्पिक चिकित्सा का उपयोग करना चाहिए? आइए जानते हैं इस मामले में क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)।