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कोरोना वायरस से बचने में होम्योपैथी दवा आएगी काम, जानिए क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन?

अपूर्वा राय
Updated Sun, 29 Mar 2020 12:38 PM IST
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WHO Advisory about Corona Virus - फोटो : Amar Ujala

कोरोना वायरस (coronavirus) से देश-विदेश में लोग बेहाल हैं। इस महामारी से अब तक भारत भर में 25 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 979 पार कर चुकी है। कई देशों के डॉक्टर और शोधकर्ता इस वायरस की वैक्सीन खोजने में जुटे हुए हैं। सरकारें सभी जरुरी कदम उठा रही हैं। पूरा देश घरों में कैद है ताकि संक्रमण का खतरा कम से कम हो लेकिन बावजूद इसके हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

पीएम मोदी (Narendra Modi) ने आज मन की बात में कहा कि यह युद्ध जैसी स्थिति है और डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं। दुनिया भर में मेडिसिन क्षेत्र के वैज्ञानिक इसकी कारगर दवाई बनाने में जुटे हुए हैं। दुनिया को तो अभी इस वायरस के बारे में ही बहुत कम जानकारी है। वहीं दूसरी तरफ आयुष मंत्रालय ने कहा था कि कोरोना से होने वाले संक्रमण को बचाने वाली यूनानी दवाओं में शरबत उन्नाब, तिर्यकअर्बा, तिर्यक नजला, खमीरा मार्वारिद जैसी दवाएं काम आ सकती हैं। इसके अलावा मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में लोगों को साफ-सफाई से रहने की सलाह दी है।



ऐसे में सवाल उठता है कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जब तक वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) तैयार नहीं होती क्या किसी को वैकल्पिक चिकित्सा का उपयोग करना चाहिए? आइए जानते हैं इस मामले में क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)।

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WHO Advisory about Corona Virus - फोटो : Amar Ujala

कोरोना वायरस (coronavirus) से देश-विदेश में लोग बेहाल हैं। इस महामारी से अब तक भारत भर में 25 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 979 पार कर चुकी है। कई देशों के डॉक्टर और शोधकर्ता इस वायरस की वैक्सीन खोजने में जुटे हुए हैं। सरकारें सभी जरुरी कदम उठा रही हैं। पूरा देश घरों में कैद है ताकि संक्रमण का खतरा कम से कम हो लेकिन बावजूद इसके हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

पीएम मोदी (Narendra Modi) ने आज मन की बात में कहा कि यह युद्ध जैसी स्थिति है और डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं। दुनिया भर में मेडिसिन क्षेत्र के वैज्ञानिक इसकी कारगर दवाई बनाने में जुटे हुए हैं। दुनिया को तो अभी इस वायरस के बारे में ही बहुत कम जानकारी है। वहीं दूसरी तरफ आयुष मंत्रालय ने कहा था कि कोरोना से होने वाले संक्रमण को बचाने वाली यूनानी दवाओं में शरबत उन्नाब, तिर्यकअर्बा, तिर्यक नजला, खमीरा मार्वारिद जैसी दवाएं काम आ सकती हैं। इसके अलावा मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में लोगों को साफ-सफाई से रहने की सलाह दी है।

ऐसे में सवाल उठता है कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जब तक वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) तैयार नहीं होती क्या किसी को वैकल्पिक चिकित्सा का उपयोग करना चाहिए? आइए जानते हैं इस मामले में क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)।

कोरोना वायरस - फोटो : ट्विटर

क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन

विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस गेब्रेयेसिस के मुताबिक कोविड-19 (Covid-19) से बचने के लिए किसी भी तरह की दवा लेना हानिकारक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा- 'कोरोना वायरस के इलाज में बिना ट्रायल और बिना वैज्ञानिक प्रमाण वाले दवाओं के इस्तेमाल से बचें। कई दवाएं पेपर पर और टेस्ट ट्यूब में कोरोना वायरस के खिलाफ काम करती दिखी हैं लेकिन वास्तविक मरीजों पर वो कारगर नहीं रही हैं। हमें इस वायरस के इलाज में कारगर दवाओं के पक्के सबूत चाहिए। चूंकि यह वैश्विक महामारी बन चुकी है ऐसे में इस मामले में हम कोई शॉर्टकट नहीं ले सकते।

आयुष मंत्रालय के मुताबिक

तुलसी, काली मिर्च और पिप्पली जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां से लोगों को कोरोना वायरस के सक्रमण से बचाया जा सकता है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन इससे इत्तेफाक नहीं रखता। ये उपाय आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाने में जरूर कारगर हो सकते हैं क्योंकि अगर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी तो किसी भी तरह का वायरस आपको छू नहीं सकेगा। घर में रहें पौष्टिक भोजन करें और अपने आस-पास सफाई बनाए रखें।

कोरोना वायरस - फोटो : PTI
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक रविवार सुबह 10 बजे तक देश में कुल 979 मामले हो गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कुल मामलों में 86 लोग ऐसे भी हैं जो पूरी तरह से ठीक हो गए है। भारत में सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आए हैं। 

बचाव ही सबसे कारगर उपाय

  • 'कोविड 19' से बचने के लिए आप नियमित रूप से अपने हाथ साबुन से धोएं।
  • खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करें
  • बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूए
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचे
कोरोना वायरस के सामान्य लक्षणों की बात करें तो इसमें सबसे पहले बुखार और सूखी खांसी होती है। अगर आपको ये लक्षण खुद में दिखें तो संभव है कि आप पॉजीटिव हो सकते हैं। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। एहतियात के तौर पर खुद को बाहरी दुनिया से अलग-थलग कर लें। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है।
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