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Lockdown in Germany: जर्मनी में अब तक का सबसे सख्त लॉकडाउन, लोगों से कहा- जरूरी सामान खरीद लें

Mon, 14 Dec 2020 05:17 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
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जर्मनी में लॉकडाउन: यहां कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। - फोटो : PTI
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दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। दुनिया भर में अब तक वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की चपेट में 7.27 करोड़ से अधिक लोग आ चुके हैं। वहीं कोरोना से अब तक 16.20 लाख लोगों की जान जा चुकी है। यूरोपीय देशों में इन दिनों कोरोना की दूसरी लहर जारी है।

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 जर्मनी कोरोना वायरस की दूसरी लहर से गुजर रहा है। इस बार मार्च-अप्रैल के मुकाबले स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर है। जर्मनी के कई शहरों में अस्पतालों की आईसीयू क्षमता 90 से 95 फीसदी से अधिक भर चुकी है। ऐसे में जर्मनी सरकार अपने देश में अब तक सबसे सख्त लॉकडाउन लागू करने वाली है। सरकार ने देश में सख्त लॉकडाउन लागू होने से महज दो दिन पहले सभी निवासियों से अनुरोध किया है कि वे लॉकडाउन से पहले सभी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी कर लें। 

चांसलर एंजेला मर्केल और जर्मनी के 16 राज्यों के गर्वनर रविवार को इस बात पर राजी हुए कि कोविड-19 को बढ़ने से रोकने के लिए देश में बुधवार से 10 जनवरी तक सख्त लॉकडाउन लागू किया जाए।
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सभी दुकानें, स्कूल और डे केयर भी रहेंगे बंद 
जर्मनी में 16 दिसंबर से 10 जनवरी तक सख्त लॉकडाउन जारी रहेगा। इसका सीधा सा मतलब है कि क्रिसमस का त्योहार और न्यू ईयर जैसा बड़ा इवेंट इस बार पाबंदियों में गुजरेगा। मार्च-अप्रैल में लगाई गई पाबंदियों के दौरान जर्मनी में रात का कर्फ्यू नहीं लगाया गया था, लेकिन इस बार रात में कर्फ्यू लगाने की चर्चा भी हो रही है। जर्मनी में लॉकडाउन के दौरान सभी दुकानें, स्कूल आदि बंद रहेंगे और दो गज की दूरी के नियम का बेहद कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

देश के वित्त मंत्री पीटर अल्तमेर ने रविवार देर रात कहा, ‘‘मैं आशा करता हूं कि लोग उन्हीं चीजों की खरीदारी करेंगे, जिनकी उन्हें बहुत जरूरत है, जैसे किराना का सामान और जरूरी दवाएं आदि।हम जिनती जल्दी इस संक्रमण पर नियंत्रण पा लें, हमारे लिए उतना बेहतर होगा।’’

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भुगतने होंगे गंभीर आर्थिक परिणाम 

नए लॉकडाउन के गंभीर आर्थिक परिणाम होंगे। क्रिसमस और न्यू ईयर का वक्त आम तौर पर खरीदारी का समय माना जाता है। क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियों में लोग बड़ी संख्या में छुट्टी पर होते हैं और यह समय परिवार और दोस्तों के साथ गुजारते हैं।  पाबंदियों के चलते ज्यादा से ज्यादा दो परिवारों के पांच लोग ही क्रिसमस साथ मना सकेंगे।
 
एक हफ्ते के लिए करना होगा खुद को आइसोलेट 
मर्केल ने अपील किया है कि जो लोग अपने परिवार के साथ क्रिसमस मनाना चाहते हैं, उन्हें एक हफ्ते पहले से खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए।

बता दें कि जर्मनी में अब तक कोरोना से 1,338,483 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 22,406 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण की दर मार्च-अप्रैल की अपेक्षा अधिक है। 
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