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भूटान में समलैंगिकता अब अपराध नहीं, LGBTQ समुदाय ने कहा- यह हमारी जीत का दिन

Sun, 13 Dec 2020 07:31 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, थिम्पू
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lgbtq celebration - फोटो : पीटीआई
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एलजीबीटीक्यू समुदाय के लिए भूटान की संसद से अच्छी खबर आई। भूटान की संसद में गुरुवार को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का फैसला लिया गया है। 

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इससे पहले, भूटान में समलैंगिकता अपराध की श्रेणी में आता था और दंड संहिता की धारा 213 और 214 के तहत इसके दोषियों को सजा दी जाती थी। समलैंगिकता को अब तक 'अप्राकृतिक सेक्स' के तहत रखा गया था। 

कानून के पक्ष में एकमत हुए सांसद 
सांसद और संयुक्त संसदीय समित के उपाध्यक्ष उज्ञेन वांगडी ने इसमें बदलाव लाने के बारे में कहा कि दोनों सदनों के 69 सदस्यों में से कुल 63 लोगों ने इसे अपराध की श्रेणी से बाहर रखने के लिए अपना मतदान किया। वहीं छह सांसद वोटिंग के दौरान संसद में उपस्थित नहीं थे। वांगडी ने बताया कि अब समलैंगिकता को अप्राकृतिक सेक्स के दायरे में रखकर विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि, वांगडी ने इस बारे में और कोई टिप्पणी नहीं की। 

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राजा की मुहर लगनी बाकी 

समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर रखने के बारे कानून पर भूटान के राजा की मुहर लगनी बाकी है। राजा की सहमति के बाद ही समलैंगिकता कानूनी हो जाएगा। मानवाधिकार कार्यकर्ता ताशी शेटेन ने कहा कि वह इस खबर के सुनने के बाद से बहुत गदगद है। उन्होंने संसद की इस पहल को एलजीबीटी कम्युनिटी की जीत बताया।

जश्न का माहौल
एलजीबीटी कम्युनिटी के लिए काम करने वाली संस्था रेनबो भूटान की निर्देशक शेटेन ने कहा, ''मैं समझती हूं कि समलैंगिकता पर कानून बनाने वाले विधेयक को संसद से मंजूरी मिलना मानवाधिकार की जीत के दिवस के तौर पर है और यह हर भूटानी नागरिकों की जीत है। आगे कहा,  मैं समझती हूं कि हर एक व्यक्ति जो भूटान की एलजीबीटी कम्युनिटी के पक्ष में खड़ा रहा, यह उन सबकी जीत है और उन्हें आज के दिन को जश्न के तौर पर मनाना चाहिए।''
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देश में समलैंगिकता को 2018 में कानूनी करार दिया

भूटान की आबादी करीब आठ लाख है और यहां कुल आबादी का अधिकांश हिस्सा बुद्ध धर्म को मानने वाला है। इस पहल के बाद भूटान समेत कई एशियाई देशों में एलजीबीटीक्यू समुदाय को लेकर प्रतिबंधों को खत्म कर दिया गया है। भारत में सदियों से चली आर रही समलैंगिकता को वर्ष 2018 में अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा चुका है। भारत में इसको लेकर समलैंगिकता को लेकर एलजीबीटी और मानवाधिकार समर्थकों ने भी खूब जश्न मनाया था।

नेपाल में अगले साल राष्ट्रीय जनगणना के समय पहली बार एलजीबीटीक्यू की आबादी की गिनती की जाएगी ताकि उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बता दें कि भूटान 'सकल राष्ट्रीय खुशहाली' की सूची में बेहतर स्थिति में है।
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