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पाकिस्तान: श्रीलंकाई नागरिक की मॉब लिंचिंग के मामले में 89 को बनाया गया आरोपी, बीते साल दिसंबर का मामला

Sat, 12 Mar 2022 08:21 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

आतंकरोधी कोर्ट लाहौर की जज नताशा नसीम ने यहां की लखपत जेल में सुनवाई के दौरान शनिवार को ईशनिंदा के आरोप में श्रीलंकाई नागरिक की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में 89 संदिग्धों को आरोपी बनाया।  
 
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पाकिस्तान का झंडा - फोटो : Social media
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विस्तार
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पाकिस्तान की एक आतंकरोधी अदालत ने श्रीलंकाई नागरिक की पीट-पीट कर हत्या कर दिए जाने के मामले में 89 लोगों को आरोपी बनाया है। गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर माह में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में श्री लंकाई नागरिक की लिंचिग में हत्या कर दी गई थी। अदालत के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

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उन्होंने बताया कि इस मामले में चार्जशीट फाइल करने के बाद न्यायधीश नताशा नसीम ने अभियोजक पक्ष को 14 मार्च तक गवाह प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। वहीं सुनवाई के दौरान संदिग्धों ने अपराध में शामिल होने से इनकार कर दिया। एक वीडियो फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। गौरतलब है कि सुरक्षा के कारण इस मामले की सुनवाई जेल में की जा रही है। 

गौरतलब है कि कपड़ा फैक्ट्री के कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि मशीनों का निरीक्षण के दौरान प्रियांथा कुमार ने टीएलपी के धार्मिक पोस्टरों को फाड़ दिया था। जिसके बाद दिसंबर 2021 में पंजाब के सियालकोट जिले में पाकिस्तानी कट्टरपंथी पार्टी तहरीक ए लब्बैक(टीएलपी) ने लगभग 800 लोगों की भीड़ के साथ एक कपड़ा फैक्ट्री पर हमला कर दिया था।
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इतना ही नहीं इस भीड़ ने फैक्ट्री के जनरल मैनेजर प्रियांथा कुमारा की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। तीन दिसंबर 2021 को ईशनिंदा के आरोपों में उनके शव को जला दिया था। कुमारा पिछले सात वर्षों से सियालकोट जिले के राजको इंडस्ट्रीज में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। इस घटना से पूरे पाकिस्तान में आक्रोश फैल गया और समाज के सभी वर्गों ने इसकी निंदा की और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।

घटना के बाद लगभग 200 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया था, लेकिन 110 लोगों के शामिल होने का कोई सबूत पेश नहीं किया जा सका। इसके आधार पर उनका नाम एफआईआर शामिल नहीं किया गया था और बाद में 110 लोगों को रिहा कर दिया गया था। 

इस मामले में स्थानीय व्यापार समुदाय ने कुमारा की पत्नी को 100,000 अमरीकी डालर का दिए थे। वहीं, कारखाने के मालिक ने बताया कि 1,650 अमरीकी डालर का वेतन भी उनके परिवार को हर महीने दिया जाता है। वहीं अब तक न तो संघीय और न ही पंजाब सरकार ने पीड़ित परिवार के लिए किसी मुआवजे के पैकेज की घोषणा की है।

एटीसी गुजरांवाला ने इससे पहले एक व्यक्ति को अपने यूट्यूब चैनल पर कुमारा की लिंचिंग को 'जस्टिफाई' करने के लिए एक साल की कैद की सजा सुनाई थी। सियालकोट के 27 वर्षीय अपराधी मुहम्मद अदनान ने अपने यूट्यूब चैनल पर प्रियांथा की हत्या के बारे में एक वीडियो अपलोड किया था और शव को जलाने को सही ठहराया था।

पंजाब प्रांत : मौलाना के खिलाफ ईशनिंदा का मामला दर्ज
इधर, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी ईशनिंदा का मामला सामने आया है। यहां टोबा टेक सिंह शहर पुलिस ने एक मस्जिद के मौलाना के खिलाफ ईशनिंदा का मामला दर्ज किया गया है। जामिया मस्जिद मदनी मुहल्ला इरफात के एक प्रार्थना नेता मौलाना डॉ. रफीक अनवर चिश्ती ने धार्मिक हस्तियों के खिलाफ अपने भाषण में कथित रूप से ईशनिंदा शब्द का इस्तेमाल किया।

इसे लेकर उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश में यह मामला दर्ज किया गया। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। लेकिन पाकिस्तान में कट्टरपंथी तत्वों को दबाव में ईशनिंदा के मामलों में काफी वृद्धि हुई है।

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