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Pakistan: बर्बरता के दो मामले में इमरान खान को अदालत ने किया बरी, पीटीआई के अन्य नेताओं को भी मिली राहत

Mon, 20 May 2024 04:12 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

फैसले के बाद इमरान खान के वकील नईम पंजोथा ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि पीटीआई संस्थापक के खिलाफ दर्ज मामले राजनीति से प्रेरित थे। लंबे मार्च के दौरान पीटीआई संस्थापक के खिलाफ बर्बरता का कोई सबूत नहीं मिला।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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 पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लंबे अरसे बाद थोड़ी राहत मिली है। पाकिस्तान की एक सत्र अदालत ने सोमवार को जेल में बंद खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अन्य नेताओं को बर्बरता के दो मामलों में बरी कर दिया। बर्बरता के मामला मार्च 2022 के लंबे मार्च से जुड़ा हुआ है। कोहसर और कराची कंपनी पुलिस स्टेशनों में खान सहित अन्य पार्टी नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे।

इन नेताओं को अदालत ने किया बरी

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सोमवार को पीटीआई संस्थापक और पार्टी के अन्य नेताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने इमरान खान के अलावा, पीटीआई नेता जरताज गुल, अली नवाज अवान, फैसल जावेद, शाह महमूद कुरेशी, कासिम सूरी, राजा खुर्रम नवाज, शिरीन मजारी, सैफुल्लाह नियाजी, असद उमर और अवामी मुस्लिम लीग प्रमुख शेख राशिद अहमद को बरी किया है। 

मामले राजनीति से प्रेरित
फैसले के बाद इमरान खान के वकील नईम पंजोथा ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि पीटीआई संस्थापक के खिलाफ दर्ज मामले राजनीति से प्रेरित थे। लंबे मार्च के दौरान पीटीआई संस्थापक के खिलाफ बर्बरता का कोई सबूत नहीं मिला। इस्लामाबाद प्रशासन ने राजधानी शहर में धारा 144 लागू करने के लिए कोई अधिसूचना जारी ही नहीं की थी। खान के खिलाफ ऐसे कई मामले दर्ज किए गए हैं, अधिकांश में उन्हें बरी भी कर दिया गया है। खान के अलावा, अन्य नेताओं को भी अदालत ने बरी किया है। 

तोशाखाना मामले में जेल में बंद खान

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बता दें, इमरान खान तोशाखाना मामले में उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं। दरअसल, पाकिस्तान के कानून के अनुसार किसी विदेशी राज्य के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना में रखना होता है। अगर राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसके लिए उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है।  

जानें क्या है पूरा मामला
कहानी इमरान के प्रधानमंत्री रहते हुए शुरू हुई थी। 2018 में सत्ता में आए इमरान खान को आधिकारिक यात्राओं के दौरान करीब 14 करोड़ रुपये के 58 उपहार मिले थे। इन महंगे उपहारों को तोशाखाना में जमा किया गया था। बाद में इमरान खान ने इन्हें तोशखाने से सस्ते दाम पर खरीद लिया और फिर महंगे दाम पर बाजार में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया के लिए उन्होंने सरकारी कानून में बदलाव भी किए।

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