अमेरिकी दार्शनिक और भाषा विज्ञानी तथा इतिहासकार प्रोफेसर नोआम चोमस्की ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सख्त टिप्पणी कर उन्हें महामारी के चलते हजारों अमेरिकियों की मौत का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यहां तक कह डाला कि ट्रंप ने कोरोना महामारी का अपनी चुनावी संभावनाओं के लिए इस्तेमाल किया है।
प्रोफेसर चोमस्की को आधुनिक भाषा विज्ञान का पितामह भी कहा जाता है। उन्होंने कॉग्निटिव विज्ञान के क्षेत्र में भी काम किया और अब तक कुल 100 से भी ज्यादा किताबें लिखी हैं। उन्होंने द गार्जियन को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि औसत अमेरिकियों की पीठ में छुरा भोंककर ट्रंप देश का रक्षक बनने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रो. चोमस्की ने कहा, राष्ट्रपति ने अपनी ड्यूटी सही ढंग से नहीं निभाई है। यहां तक कि राज्यों के गवर्नरों को महामारी से लड़ने की जिम्मेदारी लेने को मजबूर किया। यह सब उनकी चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
जानबूझकर जारी रखे हैं फंड में कटौती
जाने माने दार्शनिक चोमस्की ने कहा कि ट्रंप अपने कार्यकाल में हर साल फंड में कटौती करते हैं लेकिन अब इसे बढ़ा दिया है। ट्रंप इस कटौती जारी रखते हुए लोगों के हालातों को दयनीय बना डालना चाहते हैं ताकि अपने प्राइमरी चुनाव के उम्मीदवारों की संपत्ति, कॉर्पोरेट शक्ति और उनका लाभ बढ़ाया जा सके।
ट्रंप का ओबामा पर निशाना, समर्थक भिड़े
अमेरिकी न्याय मंत्रालय के पूर्व एनएसए माइकल फ्लिन के विरुद्ध लगे सभी आरोपों की वापसी के बाद से ही ट्विटर पर राष्ट्रपति ट्रंप और बराक ओबामा के समर्थक भिड़ गए हैं। ट्रंप समर्थक जहां ओबामागेट नाम से हैशटैग चला रहे हैं वहीं ओबामा के समर्थकों ने ट्रंपजीलसऑफओबामा हैशटैग चलाया हुआ है। दरअसल, फ्लिन पर आरोप था कि उन्होंने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के राजदूत सर्गेई किसॉक से फोन पर बात की थी।
उनके फोन को एफबीआई ने टैप भी किया था जिसमें फ्लिन कछित तौर पर रूस के साथ राजनैतिक मामलों पर डील कर रहे थे। लेकिन आरोपों की वापसी पर ओबामा ने आश्चर्य जताया और इसे अभूतपूर्व फैसला करार दिया। जबकि ट्रंप ने इस टिप्पणी केे बाद ओबामागेट हैशटैग से जब ट्वीट किया तो सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के समर्थक भिड़ गए।