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कोरोना से उबरने के बाद चीन ने की भारत से नए रिश्तों की पेशकश, जिनपिंग ने भेजा बधाई संदेश

Thu, 02 Apr 2020 09:14 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग/ढाका

सार

  • चीनी राष्ट्रपति ने भेजा राष्ट्रपति कोविंद को बधाई संदेश
  • भारत-चीन रिश्तों की 70वीं सालगिरह पर चीनी प्रधानमंत्री का भी संदेश
  • कोविंद और मोदी ने भी कूटनीतिक तरीके से दिया जवाब 
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नरेंद्र मोदी-शी जिनपिंग - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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एक तरफ भारत समेत दुनिया के तमाम देश कोरोना के खतरे से बेहद गंभीरता के साथ लड़ रहे हैं, अंदरूनी हालात संभालने में मुश्किलें आ रही हैं, ऐसे में चीन ने भारत के साथ रिश्तों की एक नई शुरुआत की पेशकश की है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे अपने संदेश में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग और कूटनीतिक रिश्तों की 70वीं सालगिरह पर बधाई दी है।

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अपने संदेश में जिनपिंग ने कहा है कि बीते 70 सालों में भारत और चीन ने मिलकर विकास और शांति के क्षेत्र में बहुत अहम काम किया है। अब इस सहयोग और रिश्ते को नए सिरे से आगे ले चलने की जरूरत है।

अपने संदेश में शी जिनपिंग ने लिखा है कि दोनों देश तमाम क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने और रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। कई अंतर्राष्ट्रीय सवालों पर भी दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल रहा है।
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उन्होंने कहा है कि वो राष्ट्रपति कोविंद के साथ मिलकर इस रिश्ते को नई ऊंचाई तक ले जाना चाहते हैं, जिससे दोनों देशों के आम लोगों को काफी फायदा होगा। अगर दोनों देश मिलकर काम करें तो एशिया ही नहीं, दुनिया के तमाम देशों के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

शी जिनपिंग को भेजे जवाबी संदेश में राष्ट्रपति कोविंद ने भी पिछले 70 सालों में दोनों देशों के रिश्तों और सहयोग को बेहद अहम माना है और कहा है कि आने वाले दिनों में भी राजनीतिक, आर्थिक और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क के मामले में चीन और भारत काफी सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।

पड़ोसी देश होने की वजह से भी दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते दोनों के हित में हैं, साथ ही एशियाई देशों के अलावा दुनिया के तमाम देशों के लिए भी ये जरूरी है। उन्होंने कहा है कि भारत हमेशा इसके लिए तैयार रहा है और आगे भी रहेगा।

इस मौके पर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच भी बधाई संदेशों का आदान प्रदान हुआ। चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी से दोनों देशों के बीच बेहतर और मजबूत रिश्तों को दोनों देशों के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। उन्होंने कहा है कि चीन भारत के साथ हर तरह का सहयोग करने को तैयार है और वह भारत के साथ हर मोर्चे पर मिलकर काम करना चाहता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जवाबी संदेश में भी लगभग वही बातें कही हैं। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों को मिलकर दुनिया के तमाम बड़े और अहम मुद्दों के लिए साथ खड़े होना चाहिए जिससे सभी को फायदा होगा। इससे शांति और सहयोग की दिशा में एक नई मिसाल भी कायम होगी।

खास बात ये है कि इन संदेशों में दोनों तरफ से किसी ने भी आज के सबसे बड़े संकट और कोरोना से हुई तबाही का जिक्र नहीं किया है। न ही इससे मिलकर लड़ने या चीन से आई इस विश्वव्यापी महामारी से बचने की दिशा में सहयोग की ही कोई बात हुई है।

गौरतलब है कि चीन अब कोरोना के संकट से उबर चुका है और वहां जिंदगी तेजी से सामान्य हो रही है। ऐसे में अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और दुनिया के बाजार में एक मददगार देश के तौर पर उभर कर चीन सभी देशों के बीच बनी अपनी नकारात्मक छवि को तोड़ना चाहता है।

जाहिर है पिछले दिनों अमेरिका जैसे अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंदी महाशक्ति अमेरिका को भी कोरोना की मार के बाद चीन ने अपने साथ खड़ा कर लिया है। अब कोरोना के खिलाफ जंग में चीन अमेरिका की दिल खोलकर मदद करने को आगे आ रहा है और हमेशा चीन की आलोचना करने वाले ट्रंप उसके आगे घुटने टेक चुके हैं।

ऐसे में चीन अब भारत समेत सभी देशों के साथ मिलकर अपने बाजार को बरकरार रखने की कोशिशों में जुट गया है। 

बांग्लादेश ने जापानी नागरिक भेजे

बांग्लादेश में कोरोना के बढ़ते मामलों से दहशत में रह रहे तमाम विदेशियों को अपने अपने देश भेजने का काम तेज हो गया है। ऐसे 227 जापानी नागरिकों को बांग्लादेश के एक विशेष विमान से टोक्यो भेज दिया गया। बांग्लादेश की ही तरह तमाम देश अपने यहां रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने में लगे हैं।

उधर पाकिस्तान में बिगड़ते हालात को देखते हुए लॉकडाउन को 14 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया है। दूसरी तरफ विदेशों में फंसे करीब 2000 पाकिस्तानी नागरिकों को वापस लाने के लिए 4 से 11 अप्रैल के बीच 17 विशेष विमान चलाए जाएंगे।

बांग्लादेश में जहां अब तक कोरोना पॉजीटिव 56 मामले आए हैं और 6 मौतें हो चुकी हैं, ढाका टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में करीब 15 हजार एंबुलेंसकर्मी कोरोना पीड़ितों की मदद अपनी जान जोखिम में डालकर कर रहे हैं। बगैर मास्क और किसी एहतियात के ये कर्मचारी दिन रात मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उधर बांग्लादेश सरकार ने आदेश जारी कर दिया है कि देश में कोई भी आदमी बिना मास्क के नहीं होना चाहिए और मास्क पहनना अनिवार्य है।

पाकिस्तान अपने लोगों को लाएगा वापस

वहीं पाकिस्तान कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 2373 तक पहुंच गई है। पाकिस्तान में अब तक कोरोना से 32 लोगों की जान जा चुकी है। प्रधानमंत्री इमरान खान की अगुवाई में बनी नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में अपने नागरिकों को विदेशों से वापस लाने का फैसला हुआ और लॉकडाउन की अवधि भी भारत की ही तरह 14 अप्रैल तक बढ़ाने का भी फैसला लिया गया।
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लेकिन इस दौरान आम लोगों तक हर जरूरी सामान पहुंचाने और सप्लाई सुनिश्चित करने को लेकर भी गंभीरता से अमल करने को कहा गया।

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