आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालीना जॉर्जिवा ने कोरोना से हो रहे आर्थिक नुकसान पर चिंता जताई है। उन्होंने डब्ल्यूएचओ के सम्मेलन में कहा कि हम मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। यह स्वास्थ्य और आर्थिक क्षेत्र दोनों पर असर डाल रहा है। उन्होंने कहा, मौजूदा हालातों में दिवालिया होने वालों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में आईएमएफ की रिकवरी मुश्किल होगी।
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के मुताबिक, मौजूदा संकट से निपटने के लिए आईएमएफ 10 खरब डॉलर (करीब 76 लाख करोड़ रुपए) लगा रहा है। जबकि मौजूदा बाजार में 90 अरब डॉलर (करीब 9000 करोड़ रु.) की कमी हो गई है, यह 2008 की वैश्विक मंदी में हुई कमी से भी ज्यादा है। आईएमएफ मंदी से प्रभावित विकासशील देशों और उभरते बाजारों के लिए आपात फंडिंग जुटा रहा है।