ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने कहा, आने वाला सप्ताह एक ऐतिहासिक क्षण होगा क्योंकि हम कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण की शुरुआत करेंगे। हम सबसे पहले इसकी चपेट में आने की अधिक संभावना वाले लोगों और 80 से अधिक उम्र के लोगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। होम स्टाफ और एनएचएस सहयोगी वैक्सीन प्राप्त करने वाले पहले लोगों में से एक होंगे।
उन्होंने कहा, मैं हर किसी से आग्रह करता हूं कि वे इस वायरस से लड़ने के लिए अपनी भूमिका निभाएं और एनएचएस द्वारा किए जाने वाले इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रतिबंधों का पालन करें।
ये एक नई तरह की एमआरएनए कोरोना वैक्सीन है, जिसमें महामारी के दौरान इकट्ठा किए कोरोना वायरस के जेनेटिक कोड के छोटे टुकड़ों को इस्तेमाल किया गया है। कंपनी के अनुसार जेनेटिक कोड के छोटे टुकड़े शरीर के भीतर रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाते हैं और कोविड-19 के खिलाफ शरीर को लड़ने के लिए तैयार करते हैं। इससे पहले तक मानव शरीर पर प्रयोग के लिए एमआरएनए वैक्सीन को मंजूरी नहीं दी गई है। हालांकि क्लिनिकल ट्रायल के दौरान लोगों को इस तरह की वैक्सीन के डोज दिए गए हैं।
वैक्सीन को मानव शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। ये इम्यून सिस्टम को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाने और टी-सेल को सक्रिय कर संक्रमित कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए कहती हैं। इसके बाद अगर व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित होता है तो उसके शरीर में बनी एंटीबॉडी और टी-सेल वायरस से लड़ने में जुट जाती हैं। वैक्सीन को-70 डिग्री पर स्टोर करना होता है और इन्हें खास डिब्बों में पैक करना होता है।