कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश चीन, इटली और जापान में संदिग्धों की जांच में मात्र 15 मिनट का समय लग रहा है। ये देश आधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीजों के रक्त के नमूनों की जांच कर रहे हैं। वहीं भारत में इस जांच में 24 घंटे का समय लग रहा है।
भारत में कोरोना के संदिग्ध मरीज से पांच तरह के नमूने लेकर जांच की जाती है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 24 घंटे का समय लगता है। ऐसा नहीं है कि भारत में ही जांच के दौरान सबसे ज्यादा समय लगता है। ब्रिटेन में कोरोना के जांच के दौरान 48 घंटे का समय लग रहा है।
ऐसे लिए जाते हैं नमूने
स्वाब टेस्ट
इस परीक्षण में एक विशेष तरह की रूई से नाक के अंदर के कण और थूक का नमूना लिया जाता है।
नेजल एस्पाइरेट
इस परीक्षण में नाक में एक सलाइन द्रव्य डालने के बाद निकलने वाले कणों का नमूना लिया जाता है।
ट्रेकीअल एस्पाइरेट
इस परीक्षण में एक हल्की और पतली कैमरायुक्त ट्यूब ब्रांचस्कोप को फेफड़े में डाला जाता है। इसके द्वारा फेफड़े की जांच की जाती है।
स्प्यूटम टेस्ट
इस परीक्षण के द्वारा खांसी से पैदा हुए बलगम और नाक के मैल की जांच की जाती है।
ब्लड टेस्ट
इस परीक्षण में शरीर से रक्त के नमूने लेकर उसकी विशेष जांच की जाती है।