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Coronavirus बन रहा है अमेरिका और मेक्सिको के बीच गेम चेंजर, बदल रही है रिश्तों की बुनियाद

Sat, 28 Mar 2020 08:28 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

32.72 करोड़ की आबादी वाले अमेरिका में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वहां पर अब तक कोरोना वायरस के मामलों की संख्या एक लाख के पार बताई जा रही है। वहीं मैक्सिको की आबादी 12.19 करोड़ है, जहां कोरोना के 700 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं।
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USA- Mexico border - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कोरोना वायरस, जिसकी दहशत या तबाही ने दुनिया के कई देशों को करीब ला दिया है, तो वहीं कुछ देशों के नागरिक इसे लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। सुपर पावर अमेरिका और उसके सीमावर्ती देश मेक्सिको के बीच कोरोना एक गेम चेंजर की तरह काम कर रहा है।

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अभी तक यही सुनने में आया है कि मेक्सिको से बड़े पैमाने पर लोग बॉर्डर क्रॉस कर अमेरिका में घुसने का प्रयास करते रहे हैं। अमेरिका ने भी इस अवैध घुसपैठ को रोकने का हर संभव उपाय किया है, लेकिन अब कोरोना के संक्रमण की वजह से परिस्थितियां कुछ ऐसी हो चली हैं कि अब मेक्सिको के लोगों ने अमेरिका से आने वाले लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। यहां तक कि इसके लिए मैक्सिको के लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
 

बता दें कि 32.72 करोड़ की आबादी वाले अमेरिका में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वहां पर अब तक कोरोना वायरस के मामलों की संख्या एक लाख के पार बताई जा रही है। दूसरी ओर मेक्सिको, जिसकी आबादी 12.19 करोड़ है, में कोरोना के 700 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं।

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मेक्सिको का शहर सोनोरा, जो कि अमेरिका के स्टेट एरिजोना के सामने है, वहां के लोगों ने कोरोना जैसी महामारी के दौरान प्रदर्शन कर अमेरिका को संदेश दिया कि वह अपने लोगों को मैक्सिको में आने से रोके। ध्यान रहे कि अमेरिका और मेक्सिको के बीच 48 बॉर्डर क्रॉसिंग हैं, जिनमें से एक सोनोरा और एरिजोना के बीच में है।

प्रदर्शनकारियों की यह शिकायत है कि बॉर्डर पर किसी भी तरह से कोरोना वायरस के संक्रमण की कोई जांच नहीं हो रही है। इस बाबत मेक्सिको के राष्ट्रपति एंद्रेस मैनुएल लोपेज ओब्रादोर की कोई खास प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। इसके पीछे एक बड़ी वजह आर्थिक रिश्ते बताए जा रहे हैं।

2019 तक दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंध थे। कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के मुताबिक, अमेरिका और मेक्सिको के बीच पिछले आठ महीनों में अवैध बॉर्डर क्रॉसिंग के मामले कम हुए हैं। इसके चलते दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध बेहतर बने हैं।

यूएस सेंसस ब्यूरो के अनुसार, 2020 में जनवरी माह के दौरान अमेरिका का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर (कुल तीन सौ पच्चीस बिलियन डॉलर की ट्रेड) मेक्सिको रहा है। दोनों देशों के बीच लगातार सुधरते आर्थिक संबंधों के चलते यूएस से मेक्सिको आने वाले लोगों के खिलाफ राष्ट्रपति ओब्रादोर कोई सख्ती नहीं बरत रहे हैं।

हाल ही में अमेरिकन रक्षा मुख्यालय 'पेंटागन' के दो अधिकारियों ने नेशनल पब्लिक रेडियो को यह जानकारी दी थी कि आने वाले समय में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए करीब सेना के पांच सौ जवानों और अफसरों को मेक्सिको बॉर्डर पर भेजा जाएगा।

ये जवान वहां पर कोरोना संक्रमण की जांच करने के लिए सभी तरह के जरूरी कदम उठाएंगे। कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के साथ मिलकर सेना के जवान वहां आने जाने वाले सभी लोगों की जांच करेंगे। दूसरी ओर यूएस इमीग्रेशन कस्टम एनफोर्समेंट इम्प्लाइज की मांग है कि 70 यूएस इमीग्रेंट कोर्ट को तत्काल बंद किया जाए, ताकि कोरोना का संक्रमण आगे फैलने से रोका जा सके।

यहां पर आने वाले अधिकांश इमीग्रेंट्स मेक्सिको से आते हैं। इसके अलावा डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के पास भी यह सुझाव आया है कि भले ही ऐसा कदम उठाने से दोनों देशों के बीच इमीग्रेंट्स को लेकर कुछ कड़वाहट आ सकती है, लेकिन मौजूदा समय में कोरोना का संक्रमण रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
 

अगर दोनों देशों के बीच पूरी तरह से बॉर्डर को सील किया जाता है, तो इनकी अर्थव्यवस्था पर भी बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका है। एक तरफ कोरोना संक्रमण है और दूसरी ओर व्यापारिक रिश्तों की नई शुरुआत, इन दोनों में से अमेरिका और मेक्सिको किसे चुनते हैं, यह देखने वाली बात होगी।

 

 

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