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कोरोना: बरतें सतर्कता, बैंक के डेबिट-क्रेडिट कार्ड को करें डिसइंफेक्ट.. घड़ी, अंगूठी पहनने से बचें

वर्ल्ड डेस्क, वॉशिंगटन। Published by: योगेश साहू Updated Mon, 30 Mar 2020 06:14 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना वायरस से बचाव सतर्कता से ही संभव है। लंदन के जनरल प्रैक्टिसनर्स का मानना है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी संक्रमण का बड़ा कारण हो सकते हैं। इसके अलावा नोट के प्रयोग के साथ घड़ी और अंगूठी पहनने से भी बचना होगा।

लंदन के जनरल प्रैक्टिसनर डॉ. चिक इमेगी का कहना है कि हर व्यक्ति का कार्ड एक ही मशीन में स्वैप होता है। इस कारण कार्ड रीडर में अलग-अलग व्यक्तियों के हाथों से सैलमोनेला और ई-कोली नामक बैक्टीरिया एक दूसरे को संक्रमित कर सकते हैं।



इससे बचने का एकमात्र तरीका है कि कोशिश करें कि सप्ताह में एक बार कार्ड को डिसइंफेक्ट करें। इस तरह से संक्रमण का खतरा कम है, लेकिन ये भी संभव है कि कोरोना का वायरस कार्ड की सतह पर कार्ड रीडर के जरिये आप तक पहुंच जाए।

ऐसे में सावधानी ही बचाव है क्योंकि वायरस किस रूप में आप तक पहुंच जाए इसका कोई पता नहीं है। डॉ. चिक बताते हैं कि वायरस कार्ड में ही नहीं घड़ी, अंगूठी और ज्वैलरी में भी छिपा हो सकता है। इसलिए सप्ताह में एक बार इन सभी को डिसइंफेक्ट करें ताकि आप सुरक्षित रहें।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
कोरोना वायरस से बचाव सतर्कता से ही संभव है। लंदन के जनरल प्रैक्टिसनर्स का मानना है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी संक्रमण का बड़ा कारण हो सकते हैं। इसके अलावा नोट के प्रयोग के साथ घड़ी और अंगूठी पहनने से भी बचना होगा।

लंदन के जनरल प्रैक्टिसनर डॉ. चिक इमेगी का कहना है कि हर व्यक्ति का कार्ड एक ही मशीन में स्वैप होता है। इस कारण कार्ड रीडर में अलग-अलग व्यक्तियों के हाथों से सैलमोनेला और ई-कोली नामक बैक्टीरिया एक दूसरे को संक्रमित कर सकते हैं।

इससे बचने का एकमात्र तरीका है कि कोशिश करें कि सप्ताह में एक बार कार्ड को डिसइंफेक्ट करें। इस तरह से संक्रमण का खतरा कम है, लेकिन ये भी संभव है कि कोरोना का वायरस कार्ड की सतह पर कार्ड रीडर के जरिये आप तक पहुंच जाए।

ऐसे में सावधानी ही बचाव है क्योंकि वायरस किस रूप में आप तक पहुंच जाए इसका कोई पता नहीं है। डॉ. चिक बताते हैं कि वायरस कार्ड में ही नहीं घड़ी, अंगूठी और ज्वैलरी में भी छिपा हो सकता है। इसलिए सप्ताह में एक बार इन सभी को डिसइंफेक्ट करें ताकि आप सुरक्षित रहें।

दरवाजे का हैंडल छूने के बराबर है कार्ड छूना

डॉ. चिक बताते हैं कि क्रेडिट या डेबिट कार्ड छूना दरवाजे के हैंडल को छूने के बराबर है, जहां हमेशा संक्रमण रहता है। ऐसे में बचाव के लिए कार्ड को डिसइंफेक्ट करें जबकि ज्वैलरी को साबुन और गरम पानी से सावधानी के साथ धोएं। इसके बाद अपने हाथों को भी अच्छे से साफ करें।

कार्ड वायरस का वाहक
डॉ. चिक के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पहले ही कह चुका है कि कोरोना वायरस प्लास्टिक और स्टैनलेस स्टील पर तीन दिन तक रह सकता है। इससे ये स्पष्ट है कि क्रेडिट या डेबिट कार्ड वायरस का खतरनाक वाहक हो सकता है। बचाव के लिए कार्ड को छूते वक्त दस्ताने पहने ताकि वायरस के संपर्क में आने से बच सकें।

बचाव...ये सावधानियां जरूर बरतें

  • हाथ को 20 सेकंड तक अच्छे से धोएं।
  • प्लास्टिक कार्ड छूते वक्त सावधान रहें।
  • कार्ड या कोई चीज छूने के बाद चेहरा न छुएं।
  • इन दिनों ज्वैलरी न पहनने से परहेज करें।

सतर्क...इन बातों का भी रखें ध्यान

  • ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन करें।
  • ज्वैलरी को साबुन और गरम पानी से धोने से संक्रमण का खतरा कम।
  • एटीएम बूथ का बटन भी वायरस का वाहक।
  • सेल फोन की स्क्रीन साफ करते रहें, दूसरों को फोन न करें प्रयोग।
  • ऑनलाइन सामान घर पर पहुंचे तो छूने से पहले करें संक्रमण रहित।
  • कार्ड स्वैपिंग मशीन में पिन डालते वक्त सतर्क।
  • म्यूजिक गैजेट्स और टैबलेट को किसी से शेयर न करें।
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