शोध में मरीजों की जब स्कैनिंग की गई तो हृदय संबंधी तकलीफ देखने के बाद इलाज का तरीका बदल दिया गया। ऐसे मरीजों को हार्ट फेल में दी जाने वाली दवाएं देने के साथ फ्लूड पर भी नियंत्रण किया गया जिससे उनका हृदय सामान्य तरह से काम करना शुरू करे। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है, बिना जांच रिपोर्ट के अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि वायरस के कारण मरीज का हृदय प्रभावित हुआ है।
कोरोना फेफड़ा नहीं कई अंगों की बीमारी
प्रमुख शोधकर्ता प्रो. मार्क ड्वेक के मुताबिक, कोविड-19 से सिर्फ फेफड़े ही नहीं, दूसरे अंगों के साथ हृदय भी प्रभावित होता है। गंभीर फ्लू में हृदय को नुकसान होता है लेकिन शोध में अधिकतर मरीजों के हृदय को नुकसान हुआ है। हृदय के काम करने की क्षमता प्रभावित हुई है। अब समझना है कि क्या ये स्वत: ठीक हो सकता है और हृदय पर वायरस का लंबे समय तक क्या असर पड़ेगा।