डॉ. फाउची ने कहा कि जब लोग इतनी बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हों, हर किसी की पर्याप्त देखभाल न हो पा रही हो। अस्पतालों में बिस्तरों, ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सा सामान की कमी हो, तो यह बेहद निराशाजनक स्थिति बन जाती है। डॉ. फाउची ने कहा कि भारत आपात स्थितियों में अकसर दूसरे देशों की मदद करता है। लेकिन अभी महामारी की मार से जूझ रहा है, ऐसे में अमेरिका की तरह बाकी देशों को भी भारत की मदद करनी चाहिए। पूरी दुनिया को हरंसभव तरीके से मदद करनी चाहिए।
ज्यादा से ज्यादा लोगों को लगाएं वैक्सीन
डॉ. फाउची ने कहा कि भारत को अभी व्यापक स्तर पर लोगों का टीकाकरण करना चाहिए। चाहे वे उनके द्वारा विकसित टीके हों या रूस और अमेरिका जैसे अन्य आपूर्तिकर्ताओं से खरीदे गए टीके हों। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी टीका लगाने से आज पैदा हुई समस्या खत्म नहीं होगी। इससे कई हफ्तों में समस्या को रोकने में मदद मिलेगी।
उन्होंने तत्काल उठाए जा सकने वाले कदमों का जिक्र करते हुए कहा, ''मुझे पता है कि भारत पहले ही कई कदम उठा रहा है, तो मैं आपको ऐसा कुछ नहीं बता रहा हूं, जो आप पहले से नहीं कर रहे। कुछ दिनों पहले मैंने सुझाव दिया था कि देश में लॉकडाउन लागू करना चाहिए और भारत के कुछ हिस्सों में लॉकडाउन लागू किया गया है।''
संपूर्ण लॉकडाउन लगाया जाए
डॉ. फाउची ने कहा कि दुनिया भर के देशों ने संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कई बार लॉकडाउन लगया। ऐसे में आपको छह महीने के लॉकडाउन की आवश्यकता नहीं है। आप कुछ सप्ताह के लिए लॉकडाउन लागू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से संक्रमण की दर कम होती है और संक्रमण की निरंतरता टूटती है।