देश में दोबारा से लॉकडाउन लग सकता है और वह भी पहले के मुकाबले और सख्त होगा। यह कहना है सिक्योरिटीज रिसर्च फर्म नोमुरा का। नोमुरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का नाम उन 15 देशों में शामिल है, जहां लॉकडाउन में ढील देने से कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
इन 15 देशों में कोरोना की लहर दोबारा लौटने की आशंका जताई गई है। इसमें लोगों की आवाजाही और कोविड-19 के मामलों की संख्या में बढ़ोतरी को आधार बनाया गया है। मालूम हो कि देश में आठ जून से अनलॉक के तहत ज्यादातर व्यवसायिक और धार्मिक गतिविधियों में छूट दे दी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था खोलने के मामले में 17 देश सही राह पर हैं, यहां दूसरी लहर के लौटने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। 13 देशों में हल्के संकेत मिले हैं, जबकि भारत समेत 15 देशों में संक्रमण की लहर के दोबारा से लौटने का जोखिम बहुत ज्यादा है।
स्टडी के मुताबिक, लॉकडाउन हटाने से दो तरह के हालात बनेंगे। पहले को अच्छा बताया गया है। इसमें लॉकडाउन में छूट दिए जाने के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और व्यवसायिक सेवाएं शुरू होंगी, हालांकि प्रतिदिन नए मामलों में मामूली बढ़ोतरी होगी। वहीं दूसरी परिस्थिति पहली से बुरी होगी।
इसमें कोरोना कर्व में कोई बदलाव होता नहीं दिख रहा है। इसमें अर्थव्यवस्था को खोलने से रोजाना संक्रमितों के मामले बढ़ेंगे। जनता के बीच डर फैलेगा और लोगों की गतिविधियां प्रभावित होंगी। यहां लॉकडाउन को दोबारा लागू किया जा सकता है।
यह विश्लेषण ऐसे समय में आया है, जब अधिकांश देश प्रतिबंध के नियमों में ढील दे रहे हैं, ताकि लोग काम पर लौट सकें। इस विश्लेषण में 45 देशों को तीन श्रेणी में बांटा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों से अपील की है कि वे वायरस के प्रसार को रोकने के लिए काम करें।