यूके में सरकार तीन सप्ताह के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर चुकी है पर अब इसके लागू करने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि मंगलवार को देश की भूमिगत ट्रेनें पूरी तरह से भरी देखी गईं। हालांकि इन ट्रेनों की सेवाओं में कटौती की गई है लेकिन मुसाफिरों पर इसका असर पड़ता नहीं दिख रहा है। पीएम बोरिस जॉनसन ने कम से कम 21 दिनों के लिए, लोगों की आवाजाही में कमी लाने के मकसद से कुछ उपायों का ऐलान किया था। यहां कोरोना से मरने वालों की तादाद 335 हो गई है।
तब जॉनसन ने लोगों से कहा था कि वे घर में ही रहें और पुलिस को इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। अब यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि जॉनसन ने ये जो ऐलान किया था, वह अपने आप में स्पष्ट नहीं था। लोग पुलिसकर्मियों से ये सवाल पूछ रहे हैं कि उन्हें क्या करने या नहीं करने की इजाजत है।
यातायात मंत्री गेंट शाप्पे ने सोमवार को स्थिति और स्पष्ट करते हुए कहा था कि सलाह एकदम साफ है कि, घर पर रहें। देश की मोबाइल फोन सेवाएं अब जॉनसन की बात को संदेश के रूप में लोगों तक पहुंचा रही हैं। गृहमंत्री प्रीति पटेल ने एक ट्वीट में कहा था कि अगले कुछ सप्ताह पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हैं।
अगर जॉनसन बीमार पड़े तो
सरकार ने साफ किया है कि जॉनसन की सेहत एकदम ठीक है लेकिन अगर वह कोरोना की चपेट में आते हैं तो विदेश मंत्री डोमनिक रॉब सरकार का कामकाज संभालेेंगे। यहां साढ़े छह हजार संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं।