इस सप्ताह की शुरुआत में, पुतिन ने स्थानीय नेतृत्व से सलाह लेकर देश भर में प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा की थी लेकिन मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बाद में स्पष्ट किया कि वह लॉकडाउन को समाप्त करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिबंधों का समयपूर्व हटाने से दूसरे बार महामारी के संक्रमण का खतरा बना रहता है।
मेयर ने आगे कहा कि मॉस्को के पास उपयुक्त बजट है और हम इस बजट से कोरोना के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था वाला अस्पताल एक महीनें के अंदर इसका निर्माण करवा दिया। उन्होंने आगे कहा कि हमने लॉकडाउन को कड़ाई से पालन करवाने के लिए इलेक्ट्रोनिक पास भी जारी करवाया है।
उन्होंने आगे कहा कि यहां अब रूस में एक दिन में 40 हज़ार से अधिक लोगों के टेस्ट किए जा रहे हैं। जल्द मामलों को पकड़ना और अस्पताल में भर्ती करके इलाज शुरू करना भी रूस के लिए मददगार साबित हो रहा है जिससे बहुत ज़्यादा मौतों से भी बचा जा सका है।यूरोप के कई हिस्सों में मरने वालों की संख्या इतनी अधिक रही है कि मॉर्चरी में भी जगह नहीं रही।
बढ़ रही है बेरोजगारी
रूस में बेरोज़गारी लगातार बढ़ रही है. महामारी की शुरुआत से अब तक में बेरोज़गारी के आधिकारिक आँकड़े दोगुना हो चुके हैं। स्वतंत्र पोलिंग फर्म लेवाडा ने इस मंत्र अपने पोल में पाया कि हर चार में से एक शख़्स की नौकरी जा चुकी है या नौकरी जाने के संकट में है। एक तिहाई लोगों का वेतन कटा है या उनके काम के घंटे कम कर दिए गए हैं।