कोरोना वायरस से जूझ रहे ब्रिटेन पर खतरा बढ़ने लगा है। आने वाली सर्दियों में ब्रिटेन में कोविड-19 की दूसरी लहर आ सकती है और सबसे बुरी स्थिति में इस दौरान 1,20,000 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी है।
ब्रिटेन की 'अकेडमी ऑफ मेडिकल साइंस' (एएमएस) के सह-मुख्य लेखक और प्रोफेसर स्टीफन होल्गेट ने कहा कि कोविड-19 के सर्दियों के मौसम में तेजी से फैलने की संभावना सबसे अधिक है, क्योंकि ठंड के चलते लोग बंद जगह पर एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिताएंगे।
एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में होल्गेट ने कहा कि यह एक भविष्यवाणी नहीं है, लेकिन यह एक संभावना है। उन्होंने कहा कि सर्दियों में कोविड-19 की दूसरी लहर से मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है, लेकिन अगर हम तुरंत प्रभाव से कदम उठाते हैं तो इसके जोखिम को कम किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें: कोरोना को लेकर डब्ल्यूएचओ की चेतावनी- वैश्विक स्तर पर और भी खतरनाक होती जा रही है स्थिति
अब तक ब्रिटेन में कोविड-19 से 45 हजार लोगों की मौत हुई है, जो यूरोप में सबसे अधिक है। आधिकारिक डाटा स्रोतों को लेकर बनाए गए रॉयटर्स की टैली के अनुसार, यह संख्या 55 हजार है। इसमें कुछ संदिग्ध मामलों को भी शामिल किया गया है।
एएमएस ने कहा कि इस मामले पर अभी पूरी जानकारी नहीं है कि ब्रिटेन में कोविड-19 महामारी कैसे अपना रूप बदलेगी, लेकिन माना जा रहा है कि सबसे बुरी स्थिति में प्रजनन संख्या या आर वैल्यू सितंबर 2020 तक 1.7 हो जाएगी।
आर वैल्यू का मतलब होता है, एक संक्रमित व्यक्ति कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है। वर्तमान में ब्रिटेन में, आर वैल्यू 0.7 और 0.9 के बीच है। साथ ही हाल के दिनों में, संक्रमण के मामलों और मृतकों की संख्या में कमी आई है। आर वैल्यू के 1 से अधिक होने पर मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।
एएमएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्थिति में सिंतबर 2020 से जून 2021 तक 1,19,000 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो सकती है। यह संख्या पहली लहर की तुलना में दोगुना होगी।