पोलियो, चेचक और खसरा से दुनिया की लगभग पूरी आबादी इम्युन हो चुकी है। अधिकांश बच्चों में पोलियो वैक्सीन पहुंचने के बाद शेष हर्ड इन्युनिटी के कारण ही बच गए।
भारत में भी इसी तरीके की जरूरत
प्रख्यात अर्थशास्त्री स्वामीनाथन अय्यर का कहना है कि भारत को भी हर्ड इम्युनिटी की जरूरत है। सामाजिक दूरी के जरिये हमें वायरस को मात देने में लंबा समय लगेगा। ‘मुझे डर लग रहा है कि हम सब संक्रमित हो जाएंगे और हर्ड इम्युनिटी से दूर रह जाएंगे।’
50 से 55 फीसदी आबादी संक्रमित होगी तभी हर्ड इम्युनिटी बनेगी और वायरस को खत्म किया जा सकेगा। सरकार लोगों की जिंदगी बचाने के लिए प्रयास कर रही है। निजी संस्थानों को भी इसमें आगे आना होगा।
वैज्ञानिकों की मानें तो खुद-ब-खुद प्रतिरोध पैदा हो सकता है। पर लॉकडाउन, आइसोलेशन और सामाजिक दूरी से हर्ड इम्युनिटी नहीं बन पाएगी।
ब्रिटेन भी हिचक गया
ब्रिटेन ने हर्ड इम्युनिटी की योजना बनाई पर डर गया। रिपोर्ट में कहा गया था कि इससे आईसीयू बेड का संकट हो जाएगा। इसके बाद तीन हफ्तों का लॉकडाउन घोषित किया गया।