वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से साल 2020 में करोड़ों लोगों की नौकरियां चली गईं। कोरोना संकट ने आईटी सेक्टर से लेकर तमाम सेक्टरों में तबाही मचा दी है। कई देशों की जीडीपी -20 से भी नीचे पहुंच गई है। वहीं, इसका असर वेश्यावृत्ति के पेशे पर भी नजर आने लगा है। यूरोपीय देश जर्मनी के सबसे बड़े वेश्यालय ने कोरोना वायरस की वजह से खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है।
जर्मनी में इस समय कई और कंपनियों पर आर्थिक संकट चल रहा है। इसके बीच यहां के मशहूर वेश्यालय 'पाशा' ने भी खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। 'पाशा', पश्चिमी जर्मनी के कोलोन सिटी में है। जर्मन मीडिया के मुताबिक, वेश्यालय की तरफ से गुरुवार को दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन दायर की गई है। पिछले कई महीनों से कोरोना लॉकडाउन को लेकर लगे प्रतिबंधों के कारण उसका कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
वेश्यालय के निदेशक अरमीन लोबशाइड ने जर्मनी के एक अखबार से बातचीत में कहा कि 'अब हम अंत पर पहुंच चुके हैं।' उन्होंने बताया कि 'पिछले पांच महीनों के दौरान उन्होंने अपने स्टाफ जैसे सेक्सकर्मियों, कुक, मसाज देने वालों और इमारत के रखरखाव पर अपनी सारी जमा पूंजी खर्च कर दी है।' अखबार ने लिखा है कि कोरोना के पहले इस सेंटर से एक समय में 120 सेक्सकर्मी फ्रीलांस के आधार पर काम किया करते थे।
पांच महीने से सेक्स सर्विसेज बैन
'पाशा' एक 10 मंजिला वेश्यालय है और इस सेंटर का रखरखाव बहुत आसान नहीं है। लोबशाइड के मुताबिक उनकी जो भी बचत थीं उसे कोरोना संकट के समय सेंटर को चालू रखने और 60 कर्मचारियों का भुगतान करने में खर्च कर दिया गया है। कोलोन शहर जर्मन राज्य नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया में स्थित है और कोविड-19 वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए राज्य ने पांच महीने पहले देह व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया था।
लोबशाइड ने जर्मनी की सरकार और शहर के प्रशासन की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राज्य ने कभी साफ-साफ नहीं बताया कि पांच महीने पहले लागू हुई पाबंदी कब तक चलने वाली है। अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा कि हम इस तरह योजना नहीं बना सकते। शायद हम बैंकों से मदद लेकर दिवालिया होने से भी बच पाए होते, अगर हमें कहा जाता कि अगले साल की शुरुआत तक ही चीजें फिर से खुल सकेंगी।
जर्मनी के ‘क्रेडिटरिफॉर्म' ने दी चेतावनी
'पाशा' के दिवालियापन की खबरों के बीच ही जर्मनी के ‘क्रेडिटरिफॉर्म' नामक एक अग्रणी क्रेडिट ब्यूरो ने चेतावनी दी है कि 'आने वाले समय में कोरोना महामारी के चलते कई कंपनियां खुद को दिवालिया घोषित कर सकती है।' क्रेडिटरिफॉर्म के सीईओ फोल्कर उलब्रिष्ट का कहना है कि 'चौथी तिमाही में ऐसे आवेदनों की संख्या में बड़ा उछाल आएगा।' उलब्रिष्ट का मानना है कि 'खेल, मनोरंजन और सांस्कृतिक क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियां और खासकर छोटे कारोबारों पर बहुत ज्यादा दबाव है।”