चीन में कोरोनावायरस की वजह से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की ओर से जारी ताजा जानकारी के मुताबिक अब यह आंकड़ा 1800 के पार हो गया है। चीन में घातक कोरोनावायरस से 98 और लोगों की मौत हो जाने से संक्रमण से मरने वालों की संख्या मंगलवार को 1,868 हो गई और अभी तक इसके कुल 72,436 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बताया कि जिन 98 लोगों की जान गई उनमें से 93 हुबेई में जबकि तीन हेनान और एक-एक हेबेई और हुनान में मारे गए। हुबेई में इसके 1,807 नए मामले सामने आए हैं, जिसके साथ ही प्रांत में इससे संक्रमित लोगों की संख्या 59,989 इतनी हो गई। बाकी चीन में इसके कुल 1,432 नए मामले सामने आए हैं। आयोग ने बताया कि 1,097 मरीज काफी गंभीर है और 11,741 मरीजों की हालत नाजुक बनी है।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने बताया कि हुबेई में अस्पताल में भर्ती 41,957 मरीजों में से 9,117 गंभीर हैं और 1,853 की हालत नाजुक बनी है। चीन में अभी तक कुल 12,552 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।
जानिए आज का अपडेट--
वायुसेना का सी-17 विमान जाएगा वुहान
वुहान से भारतीयों को निकालने के लिए भारत सी-17 सैनिक विमान को 20 फरवरी को चीन भेज रहा है। इसके साथ ही इन्हें मेडिकल सुविधाएं भी दी जाएंगी। एयरफोर्स के सबसे बड़े विमान सी-17 ग्लोबमास्टर को वुहान भेजा जा रहा है ताकि यहां फंसे भारतीयों को निकाला जा सके।
दो से तीन महीनों के लिए एपीआई का स्टॉक
इंडिया फार्मास्युटिकल एलायंस (आईपीए) ने चीन से कच्चे माल के आयात की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि भारतीय दवा उद्योग के पास केवल दो से तीन महीनों के लिए सक्रिय फार्मास्युटिकल घटकों (एपीआई) का स्टॉक है। आईपीए के महासचिव सुदर्शन जैन ने बायोएशिया 2020 के मौके पर कहा कि वे लोग इस मुद्दे पर केंद्र के साथ संपर्क में हैं और कुछ एपीआई विनिर्माण इकाइयों के लिए तेजी से पर्यावरणीय मंजूरी की मांग कर रहे हैं, ताकि चीन पर निर्भरता कम हो। जैन ने बताया कि भारत चीन से 17,000 करोड़ रुपये के एपीआई का आयात करता है। चीन इस समय कोरोना वायरस से पीड़िता है और इस कारण उसका विदेश व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर स्थिति है। इस बात का पूरी तरह अंदाज कोई नहीं लगा सकता है कि क्या होने वाला है। हमारे पास दो से तीन महीने की खेप है। जैन ने मार्च से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यदि हमें मार्च के पहले सप्ताह (चीन से) से आपूर्ति मिलने लगी, तो हम समस्या से बाहर आने में सक्षम हो सकते हैं। इस बात का अनुमान लगाना बेहद कठिन है कि हालत कब सुधरेंगे।
आईटीबीपी के केंद्र से वुहान से निकाले गए 100 और लोगों को छुट्टी दी गई
चीन में कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित वुहान से वापस लाए गए 400 लोगों में से करीब 100 और लोगों को दिल्ली में आईटीबीपी के पृथक केंद्र से मंगलवार को छुट्टी दे गई।
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें वुहान से वापस लाने के बाद से आईटीबीपी के पृथक केंद्र में रखा गया था। इससे एक दिन पहले भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के केंद्र से लगभग 200 लोगों को छुट्टी दी गई थी। इस केंद्र में कुल 406 लोगों को रखा गया था, जिसमें सात मालदीव के नागरिक हैं। डॉक्टरों ने उनके कोरोना वायरस से मुक्त होने की घोषणा की थी जिसके बाद आईटीबीपी के केंद्र से 406 में से 302 लोगों को अबतक छुट्टी दी जा चुकी है।
दवाओं-मास्क की कमी नहीं: सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि सरकार कोरोना वायरस का घरेलू उद्योगों पर पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिए जल्दी ही उपायों की घोषणा करेगी। उन्होंने चीन में फैले खतरनाक वायरस से उत्पन्न स्थिति को लेकर उद्योग प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। सीतारमण ने कहा कि वह विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ कल (बुधवार) बैठक करेंगी और उसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के परामर्श से स्थिति से निपटने के उपायों की घोषणा की जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण मूल्य वृद्धि को लेकर अब तक कोई चिंता जैसी बात नहीं है। वहीं ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम में कोरोना वायरस के प्रभाव के बारे में बात करना अभी जल्दबाजी होगी। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि दवाइयों या चिकित्सा उपकरणों की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है। इसके बजाए औषधि उद्योग कुछ सामानों के निर्यात पर से पाबंदी हटाने की मांग कर रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, भारत के अस्पतालों में मास्क और दवाओं की कोई कमी नहीं है। इस तरह की कोई रिपोर्ट नहीं है। इसके उलट इसका निर्माताओं ने इसके निर्यात पर लगी रोक हटाने की मांग की है।
वुहान से लाए गए भारतीयों को मानेसर केंद्र से मिली छुट्टी
चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण वाले क्षेत्र वुहान से स्वदेश लाए गए भारतीय नागरिकों में संक्रमण का ख़तरा समाप्त होने की पुष्टि के बाद इन्हें मानेसर स्थित पृथक केंद्र से आज छुट्टी मिली। हरियाणा में गुरुग्राम के पास स्थित पृथक केंद्र से मंगलवार को 220 लोगों को छुट्टी मिली। वुहान से लाए गए 647 भारतीय और मालदीव के सात नागरिकों को दिल्ली के छावला और हरियाणा के मानेसर स्थित आईटीबीपी और सेना के पृथक केंद्रों में कोरोना वाइरस सम्बंधी चिकित्सा निगरानी के लिए रखा गया था। इनमें छावला केंद्र में मौजूद 406 नागरिकों में से 200 को सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की मौजूदगी में छुट्टी दी गई थी।
संक्रमित भारतीयों की स्थिति में हो रहा है सुधार: राजदूत
जापान में समुद्र तट के पास अलग खड़े किए गये क्रूज जहाज पर सवार और कोरोना वायरस से संक्रमित छह भारतीयों की स्थिति में सुधार हो रहा है। भारतीय दूतावास ने मंगलवार को जानकारी दी कि जहाज पर इस घातक वायरस के 88 नये मामले सामने आए हैं जिससे इससे संक्रमित व्यक्तियों की कुल संख्या 542 हो गई है। जापान के तट पर इस महीने की शुरुआत में पहुंचे इस क्रूज जहाज पर सवार 3,711 लोगों में से कुल 138 भारतीय हैं। इनमें चालक दल के 132 सदस्य और छह यात्री शामिल हैं।
जापान सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 (कोरोना वायरस) के पॉजिटिव मामलों का पता लगाने के लिए अंतिम जांच पूरी हो गई है। सरकार ने बताया कि 88 और मामले पॉजिटिव पाए गए है जिससे जहाज पर इससे संक्रमित लोगों की संख्या 542 हो गई है। क्रूज से पिछले महीने हांगकांग में उतरे एक यात्री के कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि होने के कारण जहाज को अलग-थलग रखा गया है।
चीनी राजदूत बोले, नियंत्रण में महामारी
भारत में चीन के राजदूत सुन वीडोंग ने कहा कोरोनावायरस महामारी अब नियंत्रण में है। पिछले 14 दिनों में इससे पीड़ित लोगों की संख्या लगातार घट रही है। उन्होंने कहा, चीन और भारत इसे लेकर सीधी बातचीत कर रहे हैं। हाल ही में पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र भी लिखा था।
जापान में शिप पर फंसे दो और भारतीय संक्रमित
जापान के योकोहामा पोर्ट पर रोके गए डायमंड प्रिंसेज जहाज पर दो और भारतीयों में कोरोनावायरस का संक्रमण पाया गया है। जापान में स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को कहा कि इससे पहले चार भारतीयों में संक्रमण पाया गया था। उनकी स्थिति में अब सुधार हो रहा है। दोनों भारतीय क्रू मेंबर्स के सदस्यों समेत सभी को इलाज के लिए ऑब्जर्वेशन सेंटर भेज दिया गया है। भारतीय दूतावास ने कहा कि जहाज पर कुल 138 भारतीय हैं, जिनमें से संक्रमित लोगों की संख्या अब छह हो गई है।
क्रूज जहाज पर 99 और लोगों में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अब कोरोनावायरस के पुष्ट मामलों की संख्या 454 हो गई है। जापानी मीडिया ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के नए आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस आंकड़े में वो 14 अमेरिकी नागरिक शामिल हैं या नहीं जो कोरोनावायरस के संक्रमण से ग्रस्त पाये गये थे और जिन्हें मरीजों को निकाल कर ले जाने वाले विमान में जाने की इजाजत दे दी गई थी।
जापान में भारतीय दूतावास ने कहा कि सभी 6 भारतीयों का इलाज हो रहा है और इनमें सुधार दिख रहा है।
हांगकांग में 60 मामलों की पुष्टि
हांगकांग में सोमवार तक इसके 60 मामलों की पुष्टि हो गई थी, जहां इससे एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। वहीं मकाउ में 10 और ताइवान में इससे एक व्यक्ति की जान जाने सहित 22 मामले अभी तक सामने आए हैं। कोरोनावायरस से मुकाबले के प्रयासों में वैश्विक विशेषज्ञ भी शामिल हो गए हैं। चीन ने 12 सदस्यों वाली डब्ल्यूएचओ की टीम के आने की पुष्टि की है, जिसमें अमेरिका के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
एलईडी बल्ब हो सकते हैं महंगे
चीन में कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने की वजह से भारत में कई चीजें महंगी हो रही हैं। इसके असर के चलते मार्च में एलईडी बल्ब 10 फीसदी महंगे हो सकते हैं। इलेक्ट्रिक लैम्प एंड कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ईएलसीओएमए) ने चीन से सप्लाई घटने की वजह से कीमतें बढ़ने की आशंका जताई है। ईएलसीओएमए ने बताया कि देश में एलईडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले 30 फीसदी कंपोनेंट चीन से आते हैं, लेकिन अभी सप्लाई कम हो रही है क्योंकि, कोरोनावायरस फैलने की वजह से चीन में प्रोडक्शन कम हो रहा है।
भारत में 16 हजार करोड़ रुपये के सोलर प्रोजेक्ट पर असर
भारत के दवा उद्योग के बाद अब नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर वायरस का खतरा मंडराने लगा है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में चिंता जताई कि कोरोना के कारण भारत में 16 हजार करोड़ रुपये के सोलर प्रोजेक्ट पर असर पड़ सकता है।
मालदीव के सात नागरिक लौटे घर
दिल्ली के छावला में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) संगरोध सुविधा में कोरोनावायरस की स्क्रीनिंग के बाद एक बच्चे सहित सात मालदीव के नागरिकों को उनके देश भेज दिया गया। भारत सरकार द्वारा इन नागरिकों को चीन के वुहान से निकाला गया था।
मां का शव वापस लाने की अपील
मुंबई निवासी पुनीत मेहरा, जिनकी मां ने 24 जनवरी को बीजिंग के रास्ते मेलबर्न से मुंबई के लिए उड़ान भरने के बाद चीन के एक अस्पताल में अपनी जान गंवा दी थी, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपनी मां का शव जल्द से जल्द वापस लाने की अपील की है। पुनीत मेहरा ने कहा कि किसी कारणवश परिवहन प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है, मुझे नहीं पता कि यह कोरोनोवायरस के कारण है या कोई और वजह है। बहुत समय बीत चुका है और मेरी मां का शव अभी तक वापस नहीं आया है, मुझे नहीं पता कि वह किस स्थिति में है। मैं प्रधानमंत्री और सरकार से शव वापस लाने की अपील करता हूं।