यमन में सरकार के नियंत्रण वाले दक्षिणी प्रांत हैड्राम में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आ गया है। कोविड-19 के लिए गठित शीर्ष राष्ट्रीय आपात समिति ने यह जानकारी दी। कई सहायता समूह पहले ही चेता चुके हैं कि युद्धग्रस्त यमन की लचर स्वास्थ्य प्रणाली के कारण वायरस का यहां पहुंचना घातक साबित हो सकता है।
अमेरिका के बाद स्पेन कोविड-19 से प्रभावित होने वाले सबसे प्रभावित देशों में से एक है। यहां अब तक 1,57,053 लोग इसकी चपेट में हैं जबकि 16,000 के करीब लोगों की मृत्यु हो चुकी है। यूरोपीय देश फ्रांस और जर्मनी बुरी तरह इसकी चपेट में हैं।
फ्रांस में अब तक 1,24,869 लोग संक्रमित हैं जिनमें से 13,000 से अधिक की मौत हो चुकी है जबकि जमनी में 1,19,624 लोग इसका शिकार हैं और 2,600 से अधिक की जान जा चुकी है। ब्रिटेन में हालत लगातार खराब हो रही है। यहां 73,758 लोग संक्रमण के शिकार हैं जबकि 8,958 मौतें हुई हैं।
इटली में मृतकों की संख्या सबसे ज्यादा है। हालांकि संक्रमित मरीजों की संख्या 1,47,577 है, जो फिलहाल अमेरिका से कम है। इस बीच राहत की बात यह है कि देश में कई दिनों से मौत पर ब्रेक लगा है, इसके बावजूद सरकार लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने पर विचार कर रही है।
कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को लंदन के अस्पताल में आईसीयू से बाहर सामान्य वार्ड में लाया जा चुका है। हालांकि वह अभी भी यहां के चिकित्सकों की करीबी निगरानी में हैं। उनके पिता स्टेनली जॉनसन ने कहा है कि उनके बेटे को आराम करने की सलाह डॉक्टरों ने दी है। बोरिस की गर्भवती मंगेतर ने भी राहत जताई है।