सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक नागरिकों का कहना है कि मृतकों में कोरोनावायरस के लक्षण थे लेकिन अस्पताल में जगह नहीं होने की वजह से वे अपने मरीज को वहां इलाज के लिए नहीं ले जा सके। इसलिए कई मरीजों ने सड़कों पर ही दम तोड़ दिया। मुर्दाघर और अंतिम संस्कार स्थलों में शवों को रखने की जगह नहीं बची है। यही कारण है कि अनधिकृत रूप से मरने वालों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है।
प्रशांत महासागर स्थित बंदरगाह शहर गुयाक्विल में अधिकारियों ने कहा कि उन्हें स्थानीय उत्पादकों से 1,000 कार्डबोर्ड ताबूत दान में मिले हैं। इन ताबूतों को दो स्थानीय कब्रिस्तानों में इस्तेमाल के लिए भेजा जा चुका है। जबकि सच्चाई यह है कि अच्छे ताबूत शहर में बचे ही नहीं हैं। इस कारण ये बहुत महंगे हो चुके हैं। व्यवसायी सेंटियागो ने कहा कि उनकी कंपनी मांग के हिसाब से ताबूतों की आपूर्ति में सक्षम नहीं है।