बांग्लादेश में कोरोना के खतरे से रोहिंग्या समुदाय को बचाने के लिए प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गंभीर पहल की है। कॉक्स बाजार में रोहिंग्या शरणार्थियों के कैंपों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
शेख हसीना ने सभी 64 जिलों के अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आदेश दिया है कि सभी अपने-अपने इलाके में कोरोना से लड़ने के लिए की जा रहीं कोशिशों को आपसी तालमेल से मजबूत करें और इसे किसी भी हालत में रोहिंग्या शरणार्थियों के बीच न फैलने दें।
प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि अगर किसी भी तरह इसका संक्रमण रोहिंग्या कैंपों तक पहुंचा, तो ये बेहद खतरनाक साबित होगा। इसलिए इन कैंपों में अब सिर्फ सरकारी अधिकारी या अधिकृत व्यक्ति ही जाएं।
कॉक्स बाजार के डिप्टी कमिश्नर कमल हुसैन ने बताया कि रोहिंग्या कैंपों में पहले से ही प्रशासन ने सख्ती बरत रखी है और निगरानी की जा रही है कि किसी भी तरह का कोई संदिग्ध वहां न जा सके। वहां 34 कैंप हैं और सभी कैंपों में किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगा दी गई है।
बांग्लादेश में 11 लाख रोहिंग्या शरणार्थी हैं। बांग्लादेश में अब तक कोविड-19 के कुल 49 मामले सामने आए हैं और पांच मौतें हो चुकी हैं। लेकिन इसे फैलने से रोकने के लिए बांग्लादेश बेहद सक्रियता के साथ सारे एहतियात बरत रहा है।
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