कोरोना वायरस के आतंक ने दुनिया की दो महाशक्तियों और एक दूसरे की विरोधी रहे अमेरिका और चीन को हाथ मिलाने के लिए मजबूर कर दिया है। अमेरिका ने एक तरह से कोरोना के आगे घुटने टेक दिए हैं और सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित मरीजों की वजह से राष्ट्रपति ट्रंप को शुरुआती लापरवाही के लिए तीखा विरोध झेलना पड़ रहा है।
ऐसे में अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग ने चीन के साथ मिलकर इस खतरे से निपटने का बीड़ा उठाया है। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पहली बार फोन पर चीनी अधिकारियों से बात की।
चीन के हेल्थ कमीशन की वेबसाइट के मुताबिक चीन के स्वास्थ्य मंत्री मा शियाओं वेई के साथ अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार ने हालात पर चर्चा की। चीन ने कहा कि वह अमेरिका के साथ मिलकर इस महामारी से लड़ने में हर मदद को तैयार है।
पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की थी और दोनों देश इस जंग में साथ लड़ने को राजी हुए थे।
चीनी स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक चीन में हालात तेजी से सुधर रहे हैं और जनजीवन सामान्य होता जा रहा है। चीन के मंत्री मा शियाओं वेई का कहना है कि दोनों देश पूरे सहयोग की भावना से काम करना चाहते हैं। चीन ऐसा लंबे समय से चाहता रहा है। वह अपने अनुभव और जरूरी सूचनाएं साथ ही कोरोना से लड़ने में काम आने वाली टेक्नॉलॉजी भी अमेरिका के साथ बांटना चाहता है।
उन्होंने कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ भी मिलकर काम करना चाहता है और इस संकट से निपटने में अपना पूरा योगदान देना चाहता है। वेबसाइट के मुताबिक अमेरिकी मंत्री अजार ने चीन की कोशिशों और इतनी जल्दी इस संकट से बाहर निकल जाने के लिए चीन की तारीफ की और कहा कि अमेरिका चीन के साथ सहयोग और दोस्ताना माहौल के साथ काम करना चाहता है।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को अमेरिका ने चीन के साथ बेहद तल्खी वाले अंदाज में बात की थी और वुहान में बिगड़ते हालात के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया था। आज हालत ये है कि अमेरिका में अभी तक सभी देशों से ज्यादा 1,60,000 कोरोना के मामले हैं और 3000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
जबकि चीन में सोमवार तक 81518 मामले सामने आए और 3305 मौतें हो चुकी हैं, यहां 76052 मरीज ठीक भी हो चुके हैं।