फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना और लॉकडाउन से लोगों में नौकरी-पैसे को लेकर चिंता, नींद पर दिखा सीधा असर

Tue, 09 Jun 2020 11:32 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

महामारी के कारण लगाया गया लॉकडाउन नींद पसंद करने वाले लोगों के लिए अच्छा मौका था। हालांकि एक अध्ययन में पता चला है कि सोना पसंद करने वाले लोगों की नींद लॉकडाउन के पहले सप्ताह में ही पूरी हो गई और वह घर में बंद रहने की वजह से आराम महसूस करने की बजाय बेचैन रहने लगे।

विज्ञापन


ब्रिटेन के किंग्स कॉलेज लंदन में 22 से 24 मई के बीच सर्वे किया गया, तो इस दौरान लोगों को नींद संबंधी तकलीफ की बात सामने आई। सर्वे में शामिल 38% लोगों ने कहा कि इस दौरान उन्होंने डरावने सपने भी देखे। कुछ लोग लॉकडाउन में खूब सोए, पर वे सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा थका हुआ महसूस कर रहे थे। 

ब्रिटेन के 2,254 युवाओं पर हुए अध्ययन में पता चला है कि 10 में से 6 लोगों को लॉकडाउन में नींद संबंधी समस्या रही और वह अच्छे से नहीं सो पाए। किंग्स कॉलेज लंदन के पॉलिसी इंस्टीट्यूट के बॉबी के मुताबिक, लॉकडाउन के कारण दो तिहाई लोगों को नौकरी जाने का डर और वित्तीय संकट की चिंता सता रही है और उसका सीधा असर हो रहा है।
विज्ञापन


15 मिनट अधिक सोए लोग
लॉकडाउन में वियरेबल डिवाइस की मदद से सोने के समय को लेकर हुए अध्ययन में यह भी पता चला है कि लॉकडाउन में कुछ लोग रोजाना औसत से 15 मिनट अधिक सो रहे हैं। फ्रांस के लोगों में यह चीज अधिक देखने को मिली और लोग औसत से 20 मिनट अधिक सोते पाए गए।

देर तक रहेगा लॉकडाउन का असर 
वैज्ञानिकों का कहना है कि लॉकडाउन का असर लंबे समय तक रहेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि जिंदगी पहले की तरह पटरी पर अभी लौट जाएगी, इसकी कोई संभावना नहीं है। हर व्यक्ति को भय के साए में जीना है। यही कारण है कि दिनचर्या सामान्य नहीं होने तक उनमें तनाव, चिड़चिड़ापन और गुस्सा रहने की संभावना है।
विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें