अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसके देश में कोरोना (कोविड-19) का पहला मरीज ठीक होकर घर पहुंच गया है। हेरात प्रांत में रहने वाले कोरोना पॉजिटिव पाए गए इस मरीज का इलाज सफलता के साथ किया गया और अब अपने घर में ही अगले कुछ हफ्तों तक एक अलग जगह पर रहेगा। अफगानिस्तान में कोरोना के 22 पॉजिटिव मामले पाए गए हैं।
अफगानिस्तान के जन स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता वहीदुल्ला मयार ने बताया कि सरकार को इस बात से ज्यादा चिंता है कि ईरान से हजारों की संख्या में अफगानी सिर्फ बुखार की वजह से वापस अफगानिस्तान आ रहे हैं। इससे कोरोना का संक्रमण और बढ़ने की आशंका है। तमाम ट्रांसपोर्ट कंपनियां भी इसे लेकर चिंता जाहिर कर चुकी हैं।
ईरान से अफगानिस्तान आए नूर मोहम्मद के मुताबिक अफगानिस्तान के पास सीमा पर लोगों की जांच करने के लिए सिर्फ दो डॉक्टर हैं। ऐसे में वह घर नहीं जाना चाहते क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं वो कोरोना के वायरस से संक्रमित तो नहीं हैं।
काबुल हेरात ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रमुख फजल मोहम्मद इस बात से खासे आशंकित हैं कि कहीं ईरान से आने वालों की वजह से देशभर में यह वायरस और न फैल जाए, क्योंकि सीमा पर इनकी ठीक तरह से जांच नहीं हो पा रही।
वहीं यहां के एक बड़े व्यापारी इलियास घोरयानी ने अपनी तीन इमारतें सरकार को कोरोना वायरस की आशंका को देखते हुए मरीजों को रखने के लिए दे दी हैं। इनमें 264 कमरे हैं।
ज्यादातर लोग यही कह रहे हैं कि सरकार अकेले इस समस्या को दूर नहीं कर सकती, इसके लिए सबको मिलकर आगे आना होगा और सरकार को सहयोग देना होगा।