चीन ने एलान कर दिया है कि उसने कोरोना महामारी को हरा दिया है। वुहान शहर फिर से पहले की तरह गुलजार हो गया है, लेकिन कोरोना से जूझते हुए इस शहर को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। इस बात का खुलासा टेक्सास में रहने वाली पत्रकार ट्रेसी वेन लीयू ने किया है।
लीयू ने वुहान में संक्रमण के शुरूआती दौर में काम कर चुके डॉक्टरों से बातचीत के बाद वहां की दर्दनाक कहानी को बयां किया है। उनके अनुसार, वुहान के नंबर-4 हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने बताया कि एक सुबह हॉस्पिटल में देखा कि एक व्यक्ति फर्श पर पड़ा है, थोड़ी दूर एक और व्यक्ति पड़ा था और मुश्किल से सांस ले पा रहा था।
एक युवा फोन पर लगभग चिल्लाते हुए मदद मांग रहा था। हर तरफ मरीज और उनके परिजन थे। पूरा फ्लोर कचरे, खून, उल्टी और थूक से भरा था। लोगों को 8-8 घंटे इंतजार करना पड़ रहा था।
इस दौरान कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े। कई मौत के करीब पहुंचे और कई लोगों ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए उनके परिजन डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट करने लगे, उनके कपड़े, मास्क फाड़ने लगे।
कोरोना ने हमें मानसिक रूप से भयानक झटका दिया है। ना हम खा सकते हैं और ना ही सो सकते हैं। अक्सर रो पड़ता हूं। लोग हमें हीरो कहते हैं, लेकिन हम हीरो नहीं हैं क्योंकि हम कई लोगों की जान नहीं बचा सके।