चीन : ‘शून्य मामला नीति’ दबाव में
चीन की ‘शून्य कोविड-19 मामले’ की नीति पर लगातार दबाव बढ़ रहा है क्योंकि देश में शीतकालीन ओलंपिक खेलों से पहले विभिन्न प्रांतों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। यहां अभी 2,563 लोग उपचाराधीन हैं, जिनमें से 15 की हालत गंभीर है। चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बृहस्पतिवार को बताया कि एक दिन में संक्रमण के 207 मामले सामने आए हैं, यह चिंता का विषय है।
ब्रिटेन में ओमिक्रॉन के कारण अस्पतालों में बिगड़ सकती है स्थिति
ब्रिटेन में कोरोना के 1,83,037 नए मामले सामने आए हैं जो बीते एक दिन की तुलना में 32% अधिक हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि ओमिक्रॉन ब्रिटेन के अस्पतालों की व्यवस्था ध्वस्त कर सकता है। नेशनल हेल्थ सर्विस ने स्थिति का आकलन करते हुए आठ अस्पतालों में सब-हब बना रहा है जहां 100 मरीजों का उपचार हो सकेगा।
जल्द डेल्टा स्वरूप को पछाड़ेगा ओमिक्रॉन वैरिएंट : विशेषज्ञ
विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि आने वाले महीनों में ओमिक्रॉन वैरिएंट कोरोना के पुराने डेल्टा स्वरूप को पीछे छोड़ सकता है। उधर, डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि टीके अभी भी प्रभावी साबित हो रहे हैं और ये हमें गंभीर बीमारी से बचाएंगे इसलिए टीका जरूर लगवाएं।
डॉ. सौम्या ने कहा, टी-सेल की इम्यूनिटी ओमिक्रॉन के खिलाफ बेहतर साबित होती दिखरही है, इसलिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। उधर, सिंगापुर में डॉक्टर सेबेस्टियन मौरर-स्ट्रोह ने कहा, जर्मनी स्थित जीसैड से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि समय के साथ ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा स्वरूप को पीछे छोड़ देगा, यह तेजी से बढ़ेगा।
ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों का दावा, ओमिक्रॉन वैसा रोग नहीं, जो हमने एक साल पहले देखा
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में मेडिसिन के प्रोफेसर जॉन बेल ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट वो बीमारी नहीं है, जिसे हमने एक साल पहले देखा था। उन्होंने इस वैरिएंट के हल्के यानी कम गंभीर होने की खबरों को मजबूती देते हुए यह बात कही। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रो. बेल ने कहा- ओमिक्रॉन कम गंभीर नजर आता है और यहां तक कि जो मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं उन्हें भी कम समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है।