फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Corona virus: चीन की लैब में जांच पर पुनर्विचार कर सकते हैं डब्ल्यूएचओ वैज्ञानिक

Thu, 27 May 2021 12:56 AM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

  • दुनिया में अब तक 16.85 करोड़ संक्रमित, 35.01 लाख की जान गई
  • अमेरिका ने चीन पर फिर बनाया पारदर्शी जांच का दबाव
     
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) उस सिद्धांत का दोबारा अध्ययन कर सकता है जिसके तहत कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन की वुहान लैब से हुई मानी जाती है और इसके बाद वह पूरी दुनिया में फैल गई। इस बीच, दुनिया में इस वायरस से अब तक 16.85 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 35.01 लाख लोग जान गंवा चुके हैं।

विज्ञापन


सीएनएन के मुताबिक, चीन में जब सबसे पहले यह बीमारी फैली थी तब कोरोना वायरस के लिए जानवरों की व्यापक जांच पर चीनी डाटा की अनदेखी की गई थी। इसे डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों के एक स्रोत के मुताबिक वायरस उत्पत्ति की जांत का एक अहम क्षेत्र माना गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ के जिस पैनल ने मार्च में चीन जाकर अध्ययन किया था उसकी रिपोर्ट 200 पन्नों में निहित है। लेकिन उस वक्त विशेषज्ञों ने कई मुद्दों पर पूरा ध्यान नहीं दिया। ऐसे में डाटा का अधिक पारदर्शिता के साथ अध्ययन करने के लिए डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिक एक बार फिर इस पर अध्ययन कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है लेकिन सूत्र ने बताया कि इस बार एक बड़ा जांच दल चीन जा सकता है।

अमेरिका ने चीन पर फिर बनाया पारदर्शी जांच का दबाव
कोरोना वायरस की उत्पत्ति पर अमेरिका ने एक बार फिर से चीन पर पारदर्शी जांच का दबाव बनाया है। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार ऐंडी स्लेविट ने कहा है कि दुनिया को कोरोना महामारी की जड़ का पता लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, इस मामले में चीन और डब्ल्यूएचओ को निश्चित जवाब तक पहुंचने के लिए और कोशिशें करने की जरूरत है। जबकि हमें नहीं लगता कि अभी ऐसा हो रहा है। 
विज्ञापन


संघर्षों के कारण कोरोना से निपटने में मुश्किलें : यूएन 
संयुक्त राष्ट्र। विश्व निकाय द्वारा कोविड-19 से निपटने के लिए पिछले साल की गई संघर्ष-विराम की अपील के बावजूद सीरिया, यमन और कांगो में संघर्ष नहीं रुका है। कई जगह यह संघर्ष नए सिरे से शुरू हो गया जिसके कारण कई देशों में संक्रमण रोकने में और परेशानी आ रही है। संयुक्त राष्ट्र में मानवीय मामलों के प्रमुख मार्क लोकॉक ने संघर्ष में फंसे लोगों पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की बुलाई ऑनलाइन बैठक में कह कि कई जगह यूएन की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली लेकिन कई जगह घातक संघर्ष जारी रहे। इथियोपिया, मोजाम्बिक, आर्मेनिया और अजरबैजान में हालात और बदतर हो गए।

जापान : आपातकाल बढ़ाने की मांग
टोक्यो। जापान में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रांतीय नेता चाहते हैं कि देश में आपातकाल को और बढ़ाया जाए। फुकुओका के गवर्नर ने कहा, देश में टीकाकरण की गति अभी भी काफी धीमी बनी हुई है इस कारण केंद्र सरकार को आपात उपाय बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। ओसाका के गवर्नर योशिमुरा हिरोफुमी ने भी कहा कि हमने आपातकाल बढ़ाने को कहा है क्योंकि चिकित्सा प्रणाली बुरी हालत में है।

द. कोरिया : टीके की पहली खुराक वालों को जुलाई से मास्क जरूरी नहीं
सियोल। दक्षिण कोरिया में कोरोना टीके की एक खुराक लेने वालों को जुलाई से घर के बाहर मास्क लगाने की जरूरत नहीं होगी। दक्षिण कोरिया का यह कदम टीकाकरण को बढ़ावा देने के मकसद से है क्योंकि सितंबर तक देश के 5.2 करोड़ लोगों में कम से कम 70 फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। जबकि अब तक सिर्फ 7.7 फीसदी लोगों को ही टीका लग पाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें