मरीज की जांच करते डॉक्टर (फाइल फोटो)
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कोरोना वायरस इस समय दुनियाभर के 200 से भी ज्यादा देशों पर कहर बन कर टूटा है। अब तक 20 लाख से भी ज्यादा लोग इस महामारी से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, एक लाख से ज्यादा लोगों की इस खतरनाक बीमारी से मौत हो गई है। ऐसे में इस महामारी ने अमेरिका, स्पेन और इटली में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, संकट की इस घड़ी में भारत में बने एक उपकरण से इटली में कोविड-19 रोगियों का पता लगाया जा रहा है।
दरअसल इन दिनों इटली के रोम में एक विश्वविद्यालय में मुंबई के जैव प्रौद्योगिकी के तीन छात्रों और एक प्रोफेसर की तरफ से तैयार एक उपकरण का परीक्षण किया जा रहा है। छात्रों और प्रोफेसर का दावा है कि इस उपकरण के जरिये लोग अपने स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर कोरोना वायरस के रोगियों का पता लगा सकते हैं।
रोम में स्थित तोर वेरगाटा विश्वविद्यालय में इस उपकरण का परीक्षण किया जा रहा है। इस उपकरण का लगभग 300 लोगों पर परीक्षण किया जा चुका है। खास बात यह है कि जिन लोगों पर यह परीक्षण किया गया है, उनमें से 98 प्रतिशत नतीजे सटीक आए हैं।
मुंबई के डी वाई पाटिल जैव प्रौद्योगिकी और जैव सूचना विज्ञान संस्थान की टीम के मुताबिक एप के जरिये काम करने वाला यह उपकरण किसी व्यक्ति की आवाज के आधार पर कोविड-19 बीमारी का पता लगाता है।
कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने वाले इस उपकरण को तैयार करने वाली टीम में जैव सूचना विज्ञान की छात्रा रश्मि चक्रवर्ती, प्रियंका चौहान और प्रिया गर्ग शामिल हैं।
इस परियोजना की निगरानी करने वाले प्रोफेसर संतोष बोथे ने बताया, 'एक ओर जहां कई विदेशी विश्वविद्यालय कोरोना वायरस की जांच के लिये ध्वनि आधारित उपकरण तैयार करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर यह भारतीय उपकरण पूरी तरह काम कर रहा है। फिलहाल रोम के विश्वविद्यालय में कोरोना वायरस के रोगियों का पता लगाने में इसका इस्तेमाल हो रहा है, जिसके 98 फीसदी नतीजे सटीक आए हैं।