दुनियाभर के 18 देशों में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके से खून का थक्का जमने के मामले को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सुरक्षा विशेषज्ञ की टीम सक्रिय हो गई है। राहत ये है कि भारत में ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों की टीम खून के थक्के जमने के मामले की जांच की तैयारी में है।
डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, हम नहीं चाहते की लोग ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके से भयभीत हों। हमारी सलाह है, जिन देशों ने इसके इस्तेमाल पर रोक लगाई है उसे हटाकर टीकाकरण कार्यक्रम जारी रखें। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि ऑक्सफोर्ड, एस्ट्राजेनेका और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) के साथ डब्ल्यूएचओ ने प्राथमिक जांच में टीके से खून का थक्का जमने का कोई संकेत नहीं मिला है। टीके को लेकर पनपे गतिरोध को विराम देने के लिए डब्ल्यूएचओ और ईएमए ने मंगलवार को एस्ट्राजेनेका के टीके जुड़े आंकड़ों का अध्ययन भी किया है। ईएमए बृहस्पतिवार को एक विशेष बैठक करेगी जिसमें आगे की स्थिति को लेकर फैसला भी हो सकता है।