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कोरोना टीका सुरक्षित पर बाद में भी मास्क लगाना होगा जरूरी

Thu, 10 Dec 2020 07:37 AM IST
Kuldeep Singh वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
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Pfizer Coronavirus Vaccine - फोटो : Amar Ujala
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ब्रिटेन ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए देश के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी है। यहां सबसे पहले चिकित्साकर्मियों और 80 साल के बुजुर्गों को वैक्सीन लगाई जा रही है। फाइजर-बायोएनटेक के इस टीके को लेकर अमेरिका के मुख्य महामारी विशेषज्ञ ने सवाल जरूर खड़े किए थे, लेकिन ब्रिटेन के नियामकों ने इसके इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। यहां जानिए इस वैक्सीन से जुड़े तथ्य और भ्रांतियां...

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कितनी सुरक्षित है वैक्सीन?
ब्रिटेन के दवा नियामक का कहना है कि उन्होंने फाइजर बायोएनटेक की वैक्सीन को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती है। उसकी गुणवत्ता प्रभाव और उत्पादन प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा है। हालांकि अमेरिका के महामारी विशेषज्ञ डॉ एंथनी एस फॉसी ने कहा था कि ब्रिटेन ने वैक्सीन का सावधानीपूर्वक परीक्षण नहीं किया है। लेकिन बाद में अपनी बात से पलटते हुए उन्होंने कहा ब्रिटेन इनके नियामक और वैज्ञानिक तरीकों पर पूरा भरोसा है।

ब्रिटेन में सबसे पहले किन को लगेगा टीका?
यह टीका सबसे पहले चिकित्साकर्मियों, 80 साल और उससे ज्यादा उम्र वाले निश्चित लोगों को दिया जाएगा।

कोरोना की वैक्सीन लेने के कितने दिनों बाद सामान्य जीवन शुरू हो जाएगा?
जीवन सामान्य तभी होगा जब समाज में व्यापक स्तर पर कोरोना के खिलाफ सुरक्षा कवच तैयार हो जाएगा। हर देश में शुरुआती महीनों में चंद लोगों को ही वैक्सीन लग पाएगी। 2021 के आखिरी महीनों में ही जीवन सामान्य होने की उम्मीद लगाई जा सकती है।
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वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क लगाने की जरूरत रहेगी?
हां। लेकिन हमेशा मास्क नहीं लगाना पड़ेगा। दरअसल, फिलहाल खत्म हुए क्लीनिकल ट्रायल ओं में यह तो साफ हो गया है कि टीका लगने के बाद लोग कोरोना से बीमार नहीं पड़ते। लेकिन यह तथ्य सामने नहीं आया है कि वैक्सीन लेने के बाद भी लोग संक्रमण फैला सकते हैं या नहीं। लिहाजा इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा।

इसके साइड इफेक्ट क्या है?
फाइजर- यह टीका इंजेक्शन के जरिए बांह में लगाया जा रहा है। परीक्षणों में हजारों लोगों को इसकी खुराक दी जा चुकी है। लेकिन कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं नजर आया है। कुछ लोगों में सिर और बदन दर्द जैसे लक्षण जरूर दिखें हैं।

क्या यह वैक्सीन प्रजनन क्षमता पर असर डालती?
ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। हालांकि इंटरनेट पर काफी खबरें चल रही हैं कि इससे बनने वाली एंटीबॉडी से महिलाओं की प्रजनन क्षमता घट सकती है, लेकिन यह सही नहीं है।

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