दुनिया को टीका मिलने की उम्मीदें समय के साथ बढ़ती जा रहा हैं। अब ये सवाल उठने लगा है कि कोरोना की चपेट में आए लोगों को वैक्सीन की जरूरत है कि नहीं?
विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना संक्रमित लोगों की इम्युनिटी अन्य की तुलना में बेहतर है। ऐसे लोगों को वैक्सीन लगने से वायरस के खिलाफ उनके सुरक्षा कवच को दोहरी मजबूती मिलेगी।
अमेरिका के हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. बिल हनाज बताते हैं कि जिन लोगों को हल्का संक्रमण हुआ वे लोग दोबारा संक्रमण आने से कुछ समय तक ही सुरक्षित रह सकते हैं। क्योंकि इम्यूनिटी कुछ समय के बाद घटने लगती है। ऐसे में अगर हर मरीज को वैक्सीन लगती है तो उसके भीतर वायरस के प्रति सुरक्षा कवच और मजबूत होगा।
इम्युनिटी नहीं, वैक्सीन सबसे सुरक्षित
यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो की इम्यूनोलॉजिस्ट प्रो. जेनिफर गॉमरमैन का कहना है संक्रमण के बाद इम्युनिटी से सुरक्षा का भरोसा खतरनाक हो सकता है। वैक्सीन ही सबसे सुरक्षित है।
जिसे जब भी वैक्सीन मिले लगवाना होगा क्योंकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर लंबे समय तक विश्वास नहीं कर सकते। प्राकृतिक इम्युनिटी और वैक्सीन दोनों एक साथ बेहतर काम करती हैं।
वैक्सीन और इम्युनिटी के कई मापदंड
यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ. मेरियॉन पीपर का कहना है कि कोरोना एक खतरनाक बीमारी है। इसको लेकर कुछ भी कहना अभी भी जल्दबाजी ही होगी। वैक्सीन और प्राकृतिक इम्युनिटी दोनों में से कौन असरदार है ये भी कई मापदंडों के आधार पर तय होता है। कोरोना की चपेट में बीमार, मोटे लोग अधिक आए हैं।